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बिहार में 'काल बैसाखी' का तांडव: बिजली-तूफान ने ली 12 जानें, मुख्यमंत्री ने जताया शोक; आज भी 10 जिलों में भारी अलर्ट

Bihar Mausam बिहार में आज का मौसम कैसा रहेगा) 5 May 2026: बिहार में सोमवार को वज्रपात और आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है। आज भी कई जिलों में अलर्ट है।

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बिहार में आंधी तूफान से मची तबाही

Photo : Times Now Digital

बिहार में आज का मौसम (5 May 2026): बिहार में सोमवार को मौसम ने ऐसा भयावह रूप अख्तियार किया कि दोपहर बाद राजधानी पटना समेत प्रदेश के कई हिस्सों में 'दिन में ही रात' जैसा नजारा देखने को मिला। भीषण गर्मी के बीच शाम करीब चार बजे आसमान काले बादलों से घिर गया और 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली धूल भरी आंधी और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा में वज्रपात (बिजली गिरने) और अन्य हादसों के कारण राज्यभर में तकरीबन 12 लोगों की मौत होने की खबर है। बता दें कि काल बैसाखी पूर्वी भारत और बांग्लादेश में अप्रैल और मई के महीनों में आने वाले भयंकर गरज के साथ तूफानों को कहा जाता है। इन्हें वैज्ञानिक रूप से 'नॉरवेस्टर्स' (Nor'westers) भी कहते हैं क्योंकि इनकी दिशा आमतौर पर उत्तर-पश्चिम से होती है। बिहार में इससे भारी तबाही मची है।

हादसों में गई 12 जानें

आंधी-बारिश और बिजली गिरने से हुई मौतों ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से जारी एक बयान के अनुसार पूर्वी चंपारण में पांच, गया जिले में चार और औरंगाबाद जिले में तीन लोगों की मौत हुई है। मौसम विभाग ने हालांकि पटना समेत आसपास के जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की थी।

मुख्यमंत्री ने जताया शोक, 4-4 लाख मुआवजे का ऐलान

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन घटनाओं पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को आपदा राहत कोष से तुरंत 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।

जनजीवन अस्त-व्यस्त

राजधानी पटना में आंधी इतनी तेज थी कि धूल के गुबार के कारण विजिबिलिटी बेहद कम हो गई, जिससे वाहन चालकों को दिन में ही हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। एक घंटे की भारी बारिश (39 मिमी) के कारण पटना के निचले इलाकों में जलजमाव हो गया और यातायात ठप हो गया। सीवान और बक्सर में ओलावृष्टि दर्ज की गई, जबकि समस्तीपुर, मधुबनी और दरभंगा में पेड़ गिरने से कई सड़कें बंद हो गईं। बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर उखड़ने से कई इलाकों में ब्लैकआउट की स्थिति बनी रही।

गयाजी में सबसे अधिक हुई बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को राज्य में सबसे अधिक बारिश गया में 47.0 मिमी दर्ज की गई। इसके अलावा पटना में 39.0 मिमी, वाल्मीकि नगर में 26.2 मिमी, मोतिहारी में 22.3 मिमी और समस्तीपुर (पूसा) में 19.5 मिमी बारिश दर्ज की गई।

सावधानी की अपील: अगले 72 घंटे संवेदनशील

मौसम विभाग ने पटना और भोजपुर समेत 10 जिलों में भारी अलर्ट जारी किया है और अगले 48 से 72 घंटों को बेहद संवेदनशील बताया है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और छत्तीसगढ़ से मणिपुर तक बनी ट्रफ लाइन के कारण चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जिससे मौसम अस्थिर बना हुआ है।

बचाव के उपाय हैं कि बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदान, पेड़ या बिजली के खंभों के पास न रहें। भारी बारिश के दौरान यात्रा करने से बचें और सुरक्षित पक्के मकानों में शरण लें। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें और आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों का पालन करें।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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