बिहार में आज का मौसम (21 Mar 2026): बिहार में मौसम के मिजाज ने ऐसी करवट ली है कि सुहावना हुआ मौसम अब चिंता का सबब बन गया है। शुक्रवार शाम से शुरू हुए शक्तिशाली अंधड़ और बारिश ने राज्य के करीब 15 शहरों को अपनी चपेट में ले लिया। दुर्भाग्यवश, इस मौसमी आपदा के कारण राज्य के अलग-अलग हिस्सों में वज्रपात (ठनका) की चपेट में आने से अब तक दो लोगों की जान जाने की दुखद खबर है।
ओलों की चादर और फसलों पर आफत
मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, बगहा, बेगूसराय और खगड़िया जैसे जिलों में शुक्रवार को जमकर ओले गिरे। समस्तीपुर के कई गांवों में तो 15 मिनट तक लगातार ओलावृष्टि होती रही, जिससे ऐसा लगा मानो सड़कों पर सफेद चादर बिछ गई हो। इस बेमौसम मार ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में तैयार खड़ी गेहूं की फसल, आम के मंजरी (मोजर) और लीची के बागों को भारी नुकसान पहुंचा है।
आज इन 18 जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट'
मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने शनिवार (21 मार्च) के लिए बिहार के 18 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इनमें पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, वैशाली, सहरसा, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, मधेपुरा, कटिहार और समस्तीपुर शामिल हैं। इन इलाकों में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और भारी वज्रपात की आशंका है। वहीं, पटना, गया, भागलपुर और औरंगाबाद समेत शेष 20 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां हल्की से मध्यम बारिश और आंधी की संभावना बनी रहेगी।
क्यों बदला मौसम का मिजाज?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस अचानक आए बदलाव की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी से आ रही भारी नमी और एक सक्रिय ट्रफ लाइन है। दिन की गर्मी से वातावरण में बनी अस्थिरता ने इन बादलों को और घातक बना दिया है। शनिवार को भी राजधानी पटना समेत कई इलाकों में बादल छाए हुए हैं और रुक-रुक कर बूंदाबांदी हो रही है। अगले 48 घंटों में तापमान 3 से 5 डिग्री तक और गिर सकता है।
राहत और सावधानी
कल कैमूर में जहां पारा 36.9 डिग्री तक पहुंच गया था, वहीं राजगीर 18 डिग्री के साथ सबसे ठंडा इलाका रहा। मौसम विभाग का अनुमान है कि 22 मार्च से स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होगा। फिलहाल, लोगों को सलाह दी गई है कि वे आंधी और बिजली कड़कने के दौरान पक्के मकानों में शरण लें और पेड़ों या बिजली के खंभों से दूर रहें।
