बिहार में आज का मौसम (17 Apr 2026): बिहार में इस समय कुदरत के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। जहाँ राजधानी पटना सहित दक्षिण बिहार के लोग चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं (पछुआ) से बेहाल हैं, वहीं सीमांचल और उत्तर-पूर्वी जिलों में बादलों ने डेरा डाल लिया है। मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार को अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार में गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) का अलर्ट जारी किया है।
क्यों बदला है बिहार का मिजाज? (Bihar Weather Today)
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह 'दोहरा मिजाज' दो अलग-अलग प्रणालियों की वजह से है। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है, साथ ही राजस्थान से मणिपुर तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इसके प्रभाव से सीमांचल में नमी पहुंच रही है और बारिश के हालात बन रहे हैं। दूसरी ओर, दक्षिण बिहार में पछुआ जेट स्ट्रीम की वजह से गर्म और शुष्क हवाएं चल रही हैं, जिससे वहां पारा तेजी से चढ़ रहा है।
कहीं 'पुरवा' की राहत, कहीं 'पछुआ' की आफत
गुरुवार को अचानक चली पूरवा हवाओं ने पटना समेत 35 जिलों को बड़ी राहत दी और तापमान में 5 डिग्री तक की गिरावट आई। लेकिन यह राहत ज्यादा दिन नहीं टिकने वाली। दक्षिण बिहार के डेहरी (रोहतास) 41.6 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य में सबसे गर्म रहा। औरंगाबाद और भभुआ में भी पारा 40 के पार है। राजधानी पटना में पुरवा के कारण पारा 34.0 डिग्री तक गिर गया, लेकिन रविवार (19 अप्रैल) से यहां पछुआ का प्रवाह फिर तेज होगा और गर्मी अपने चरम पर पहुंच जाएगी।
20 अप्रैल के बाद 'लू' का अलर्ट (IMD Heatwave Alert Bihar)
मौसम विभाग की मानें तो 20 अप्रैल के बाद बिहार के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में भीषण लू (Heatwave) चलने की संभावना है। अप्रैल के आखिरी हफ्ते में तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। हालांकि, 24 से 30 अप्रैल के बीच उत्तर और पूर्वी बिहार में फिर से बारिश की संभावना है, जिससे बीच-बीच में तापमान गिरता रहेगा।
किसानों के लिए चेतावनी (IMD Advisory)
आकाशीय बिजली और मेघ गर्जन को देखते हुए मौसम केंद्र पटना ने किसानों को विशेष सलाह दी है। किसानों से कहा गया है कि वे अपनी तैयार फसलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का प्रबंध करें और वज्रपात के समय खुले खेतों या पेड़ों के नीचे शरण न लें।
