दिल्ली मेट्रो के जिन दो कॉरिडोर की बात हो रही है उसमें से एक गोल्डन लाइन है और दूसरा ग्रीन लाइन का विस्तार है। गोल्डन लाइन लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक के बीच बनाई जा रही है और इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ तक ग्रीन लाइन का विस्तार होगा।
इन दोनों कॉरिडोर को मंजूरी मिल चुकी है और तीन महीने के इंदर ही दोनों कॉरिडोर के अलाइनमेंट का काम भी पूरा कर लिया गया है। यह कॉरिडोर किन इलाकों से गुजरेंगे और कहां-कहां से अनुमति लेनी होगी, इन सब बातों का खाका सर्वे के बाद ही तैयार होगा।
दिल्ली मेट्रो प्रबंधन का लक्ष्य इन दोनों कॉरिडोर पर इसी साल के अंत तक काम शुरू करने का है। अभी इनके पूरा होने के बारे में और मेट्रो कब से चलेगी इसको लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं है। यह दोनों कॉरिडोर मेट्रो के फेज-4 का हिस्सा हैं।
इन दोनों कॉरिडोर की कुल लंबाई 20.76 किमी होगी और इन पर कुल 8 इंटरचेंज स्टेशन होंगे। इंद्रप्रस्थ-इंद्रलोक कॉरिडोर अपने आप में अनोखा कॉरिडोर होगा, जिस पर हर दूसरे स्टेशन पर इंटरचेंज की सुविधा होगी। 12 किमी लंबे इस कॉरिडोर पर 10 में से 5 स्टेशन इंटरचेंज होंगे।
लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक तक चलने वाली गोल्डन लाइन पर कुल 3 इंटरचेंज स्टेशन होंगे। यह लाइन दक्षिण दिल्ली में उन इलाकों को दिल्ली मेट्रो से जोड़ेगा जो मेट्रो नेटवर्क से 2-3 किमी के दायरे में हैं, लेकिन सीधे कनेक्टिविटी नहीं है।