भोपाल

भोपाल के जर्जर CCTV वायरलेस टॉवर बने खतरे की घंटी, सुरक्षा के पहरेदार अब हादसों की वजह!

भोपाल में 13 साल पहले लगाए गए सीसीटीवी कैमरों के वायरलेस टॉवर अब खतरनाक साबित हो रहे हैं। हाल ही में, तेज हवाओं के चलते एक टॉवर गिरने से सुरक्षा जोखिम बढ़ गया। ट्रैफिक पुलिस ने इन टॉवर्स को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि संभावित दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

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CCTV कैमरों के वायरलेस टावर साबित हुए खतरनाक (सांकेतिक फोटो)

Photo : Times Now Digital

भोपाल में 13 साल पहले सिटी सर्विलांस सिस्टम के तहत लगाए गए 283 सीसीटीवी कैमरों के वायरलेस टॉवर अब खतरनाक साबित हो रहे हैं। हाल ही में, तेज हवाओं के चलते मनीषा मार्केट तिराहा पर एक टॉवर गिर गया, हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ। ये टॉवर 29 स्थानों पर लगाए गए थे, लेकिन अब न तो कैमरे काम कर रहे हैं और न ही टॉवर उपयोगी हैं।

जानकारी के मुताबिक, ट्रैफिक पुलिस ने इन टॉवर्स को हटाने के लिए पुलिस ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (पीटीआरआई) से संपर्क किया है। 2011 में, पुलिस मुख्यालय की इंटेलिजेंस शाखा ने शहर में 16 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए थे, और बाद में अन्य क्षेत्रों में भी इन्हें बढ़ाया गया। करीब 4.94 करोड़ रुपए की लागत से 61 चौराहों पर 283 कैमरे लगाए गए, जिनमें 61 मूवेबल और 222 स्थायी कैमरे शामिल थे।

हालांकि, तकनीकी बदलाव और उचित रखरखाव के अभाव में ये कैमरे अब अनुपयोगी हो चुके हैं। उनके नाइट विजन सिस्टम भी खराब हो गए हैं, और उनकी मरम्मत की लागत इतनी अधिक है कि नए कैमरों की स्थापना ज्यादा फायदेमंद मानी जा रही है। कुछ टॉवर्स पहले ही निर्माण कार्यों के कारण हटा दिए गए हैं, लेकिन अन्य कई जगहों पर ये अब भी जोखिमपूर्ण बने हुए हैं। ट्रैफिक पुलिस ने इन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि संभावित दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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