भोपाल

MP में बड़ा हादसा, छिंदवाड़ा में निर्माणाधीन कुआं धंसा; 3 मजदूर मलबे में दबे

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में निर्माणाधीन कुआं धंसने से उसके मलबे में तीन मजदूर दब गए। अंधेरा होने के कारण राहत और बचाव कार्य में कुछ बाधा आ रही है।

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(फाइल फोटो)

छिंदवाड़ा: जिले में मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया। निर्माणाधीन कुएं के धंसने से तीन मजदूर मलबे में दब गए हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है। जानकारी के अनुसार यहां के खुनाझिर खुर्द गांव में एक पुराने कुएं का मलबा निकालकर उसकी मरम्मत की जानी थी। मलबा निकालने के दौरान कुआं धंस गया। कुआं में काम कर रहे कुछ मजदूर बाहर निकल आए। लेकिन, तीन अन्य मलबे में दब गए। जो मजदूर मलबे में दबे हैं, उनमें एक महिला और दो पुरुष हैं। इनके नाम राशिद, वासिद और शहजादी बताए जा रहे हैं।

जेसीबी मशीनें कर रहीं रेस्क्यू

कुएं के धंसने की जानकारी मिलते ही गांव के लोग बड़ी संख्या में पहुंच गए। मलबा धंसने के दौरान सुरक्षित बाहर निकले मजदूरों ने पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। यह मजदूर रायसेन जिले के गैरतगंज इलाके के रहने वाले बताए जा रहे हैं। उसी से पता चला है कि तीन मजदूर मलबे में दबे हुए हैं। हादसे की जानकारी मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच चुके हैं। मलबे को हटाने के लिए जेसीबी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। फिलहाल यही माना जा रहा है कि मलबे में तीनों दबे हुए हैं। अंधेरा होने के कारण राहत और बचाव कार्य में कुछ बाधा आ रही है।

प्रशासन ने घटनास्थल पर रोशनी का इंतजाम किया है ताकि राहत और बचाव कार्य जारी रहे। बताया गया है कि कुएं के मरम्मत कार्य में कुल छह मजदूर लगे हुए थे, मगर तीन मजदूर बचकर निकल गए। जो लोग अंदर की तरफ थे, वे दब गए। राहत और बचाव कार्य के दौरान गांव के लोग बड़ी संख्या में मौके पर मौजूद हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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