Simhastha 2028: सनातन आस्था के आदिकाल से प्रमुख देश के बारह ज्योतिर्लिंग में से एक मध्य प्रदेश के उज्जैन के बाबा महाकाल। अब यहां पर सिंहस्थ की 2028 की तैयारी होने लगी है। यही वजह है कि, देश का पहला ऐसा मंदिर होगा जहां पर भक्त एक साथ 20 लाइनों से अपने आराध्य को निहार सकेंगे। इस नई व्यवस्था को लेकर मंदिर प्रबंधन की ओर से कवायद शुरू कर दी गई है। इस साल दीपावली से इन नए इंतजामों का फायदा यहां आने वाले श्रद्धालुओं को मिलने लगेगा।
बाबा के दरस के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वर्तमान में भक्तों को बाबा के दर्शन दस लाइनों में करवाए जाते हैं। नई व्यवस्था को लेकर करीब तीन करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। फिलहाल मंदिर प्रबंधन द्वारा सामान्य श्रद्धालुओं को गणेश और कार्तिकेय मंडपम से 5-5 लाइनों में खड़ा करके अवंतिका के राजा महाकाल के दर्शन करवाए जाते हैं। भक्तों की तादाद बढ़ने पर गणेश मंडपम को बंद कर महज कार्तिकेय मंडपम से ही बाबा के दर्शन करवाए जाते हैं। ऐसे में भक्तों को अपने इष्ट को निहारने के लिए काफी इंतजार करना पड़ता है।
