भोपाल : गौमाता यूं तो हिंदु धर्म में आस्था का केंद्र है लेकिन गौमाता मध्यप्रदेश में अक्सर राजनीति का केंद्र बन जाती है। एक बार फिर से ऐसा ही हुआ जब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार पर गोवंश की हत्या और गोवंश के मांस की बिक्री को प्रोत्साहन देने के आरोप लगाए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस कांफ्रेंस करके सरकार पर आरोप लगाया कि जो सरकार गाय के नाम पर धर्म की राजनीति कर रही है, वही सरकार पिछले दरवाज़े से गोमांस की बिक्री को बढ़ावा दे रही है। दरअसल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के इन आरोपों के पीछे राज्य सरकार का एक गजट नोटिफिकेशन है, जो कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस नोटिफिकेशन में लिखा है कि राज्य सरकार ने गोवंश के मांस की बिक्री पर संपूर्ण राज्य कर शून्य कर दिया है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि एक ओर बीजेपी खुद को गौभक्त बताती है और दूसरी ओर गाय की हत्या को बढ़ावा देती है। बता दें कि राज्य सरकार का 18 सितंबर को जारी किया गया एक गजट नोटिफिकेशन वायरल हो रहा है, जिसमें सभी तरह के जानवरों औऱ मांस की बिक्री पर से राज्य कर हटा दिया गया है। पटवारी ने कहा कि प्रदेश में साल 2023-24 में मीट का उत्पादन 152 हज़ार टन रहा, इस पर सरकार क्यों चुप्पी साधे हुए है। कांग्रेस ने इस मामले में आंदोलन के माध्यम से ज़िलों में गौवंश के साथ कलेक्टर दफ्तरों का घेराव करने की चेतावनी दी है।
बीजेपी ने जीतू पटवारी पर लगाए ये आरोप
गोवंश के मांस की बिक्री से हर तरह का राज्य कर हटाने के मामले में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से जब सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि जीएसटी की पूरी लिस्ट उन्होंने पढ़ी है, उसमें गोवंश के मांस का कहीं उल्लेख नहीं है। अब जीतू पटवारी ने ये बात कहां पढ़ी है उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है। जबकि इसी सवाल के जवाब में बीजेपी के विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि उनकी नज़र में पीसीसी चीफ प्रदेश के कानून से भली भांति परिचित नहीं हैं। 2004 में ही मध्यप्रदेश में गोकशी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था।
एमपी में गोकशी पूर्णतया बंद?
मध्यप्रदेश में किसी भी कसाई खाने में गोवंश को नहीं काटा जा सकता। गोमाता को क्षति पहुंचाने पर कठोर कार्रवाई की जाती है। गोकशी करने वाले अपराधी को 10 साल की सज़ा का प्रावधान है। प्रदेश में गोकशी पूर्णतया बंद है। केरल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गाय काटी औऱ उसका मांस खाया। गोमाता की हत्यारी कांग्रेस है। कांग्रेस बताए कि गाय कहां कट रही है। अगर वो बताएंगे तो उनके बताए स्थान पर पुलिस जाएगी औऱ आरोपी को जेल भेजा जाएगा। मप्र की धरती से गोमांस की बिक्री नहीं हो सकती। गोवंश की हत्या कांग्रेस की सरकार में होती थी। गोहत्यारों पर कानून का डंडा चल रहा है। जीतू पटवारी जी मध्यप्रदेश की जनता को झूठे आंकड़े देना बंद करो। आप जानबूझकर हिंदुओं को बदनाम करने की कोशिश करते हो औऱ कसाइयों का साथ देते हो।
बीफ एक्सपोर्ट विवाद
जानकार मानते हैं कि बीफ एक्सपोर्ट को लेकर हमेशा से विवाद की स्थिति रही है। मध्यप्रदेश समेत भारत में अधिकतर राज्यों में गाय की हत्या पर प्रतिबंध लगा हुआ है। जहां तक बीफ का सवाल है तो गाय, बैल या बछड़े के मांस की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। एक्सपोर्ट की बात है तो भारत में सिर्फ बफैलो मीट को बेचने और एक्सपोर्ट करने की अनुमति है। अगस्त 2024 में संसद में एक वक्तव्य में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने ये स्पष्ट भी किया था कि हमारा देश गाय का मांस एक्सपोर्ट नहीं करता, बल्कि हमारा देश बफैलो मीट एक्सपोर्ट करता है। जबकि विपक्ष बार बार बीफ एक्सपोर्ट को गोमांस के एक्सपोर्ट के तौर पर प्रस्तुत करता है।
