भोपाल

प्रशासन की पहल ला रही रंग, इनाम के लिए भिखारियों को ढूंढ़कर निकाल रहे इंदौरवासी

देश का पहला भिक्षावृत्ति मुक्त शहर बनने की दिशा में इंदौर ने एक और बड़ा कदम उठाया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की अनूठी इनामी योजना का लाभ उठाते हुए भिखारियों की जानकारी देना शुरू कर दिया है। प्रशासन ने सोमवार को इस बात की पुष्टि की है।

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सांकेतिक फोटो।

Photo : iStock

Indore News: इंदौर को देश का पहला भिक्षावृत्ति मुक्त शहर बनाने के लक्ष्य से जुड़ी अनूठी इनामी योजना का लाभ लेने के लिए स्थानीय लोग भिखारियों के बारे में प्रशासन को फोन करके सूचना दे रहे हैं। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने शहर में भीख लेने के साथ ही भीख देने और भिखारियों से कोई सामान खरीदने पर कानूनी रोक लगा दी है और इस प्रतिबंध के उल्लंघन पर कार्रवाई का प्रावधान किया है।

सूचना देने पर मिल रहा इनाम

अधिकारियों के मुताबिक, प्रशासन के दो जनवरी को जारी प्रतिबंधात्मक आदेश में भिक्षावृत्ति की सही सूचना देने वाले व्यक्ति को प्रोत्साहन राशि के रूप में 1,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा भी की गई है। उन्होंने बताया कि भिखारियों के बारे में प्रशासन को सूचना देने के लिए एक मोबाइल नम्बर भी जारी किया गया है।

कई लोगों को मिले इनाम

जिलाधिकारी आशीष सिंह ने बताया कि पिछले चार दिनों में करीब 200 व्यक्तियों ने इस नंबर पर फोन करके प्रशासन को भिखारियों के बारे में सूचना दी है जिनमें से 12 लोगों की सूचना जांच में सही पाई गई है। उन्होंने बताया, ‘‘इन 12 में से छह लोगों को सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय बुलाकर उन्हें 1,000-1,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई। भिखारियों के बारे में सही सूचना देने वाले दूसरे लोगों को भी यह राशि प्रदान की जाएगी।’’

आदेश के उल्लंघन पर कार्रवाई

अधिकारियों ने बताया कि भिक्षावृत्ति के खिलाफ प्रशासन के जारी प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। इस कानूनी प्रावधान के तहत दोषी को एक वर्ष तक के कारावास या 5,000 रुपये तक के जुर्माने या दोनों सजाओं से दण्डित किया जा सकता है।

प्रशासन ने शुरू की पहल

अधिकारियों के मुताबिक, गुजरे चार महीनों के दौरान शहर में भिक्षावृत्ति में शामिल करीब 400 लोगों को पुनर्वास के लिए एक आश्रय स्थल भेजा गया है, जबकि 64 बच्चों को बाल देखरेख संस्थान पहुंचाया गया है। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने देश के 10 शहरों को भिक्षुकमुक्त बनाए जाने की प्रायोगिक (पायलट) परियोजना शुरू की है जिनमें इंदौर शामिल है।

इनपुटः भाषा

Devshanker Chovdhary
Devshanker Chovdhary author

<p>देवशंकर चौधरी मार्च 2024 से Timesnowhindi.com के साथ करियर को आगे बढ़ा रहे हैं और बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। टाइम्स नाउ सिटी टीम में वह इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स और लोगों से जुड़ी स्टोरी करते हैं। हर स्टोरी में अलग एंगल निकालने पर फोकस रहता है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं।&nbsp;बीते वर्षों में टेलीविजन और डिजिटल मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। इससे पहले इन्होंने दैनिक जागरण, यूनीवार्ता, एबीपी न्यूज और रोहतास पत्रिका में काम किया है। दैनिक जागरण में रियल टाइम डेस्क पर काम कर चुके हैं, जहां वर्ल्ड अफेयर्स और नेशनल बीट की खबरें करते थे। यूनीवार्ता में नेशनल और विदेश डेस्क पर काम कर चुके हैं। एबीपी न्यूज में डिजिटल टीम का हिस्सा रह चुके हैं। रोहतास पत्रिका में काम करने के दौरान कोविड काल में बिहार के कई जिलों में घूम-घूम कर काम करने का अनुभव है। ग्रेजुएशन के दौरान ही पत्रकारिता से जुड़ गए थे, जिस दौरान दैनिक अखबारों के साथ काम किया है। अकाउंटिंग एंड मैनेजमेंट ऑनर्स में स्नातक और जनसंचार में स्नातकोत्तर हैं।</p>

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