भोपाल

धर्म पूछ कर हत्या घिनौना कृत्य, राष्ट्रहित में एक मत रखें राजनीतिक पार्टियां; पहलगाम आतंकी हमले पर बोले बाबा रामदेव

उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन-पूजन की भस्म आरती में हुए शामिल बाबा रामदेव ने पहलगाम आतंकी हमले पर भारत सरकार के पक्ष में बयान दिया। उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रहित और देश की अस्मिता पर प्रश्न खड़ा हो तब राजनीतिक पार्टियों को राजनीति नहीं करनी चाहिए।

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योग गुरु बाब रामदेव

उज्जैन : योग गुरु बाबा रामदेव बुधवार को उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे, जहां वे भस्म आरती में शामिल हुए और नंदी मंडपम से बाबा महाकाल के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने देश की सुख, समृद्धि, शांति और संपन्नता के लिए बाबा महाकाल से प्रार्थना की। इस दौरान बाबा रामदेव ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि धर्म पूछ कर लोगों को गोली मारना बहुत ही घिनौना कृत्य है। भारत सरकार इसका करारा जवाब देगी। बाबा महाकाल भी ऐसे लोगों के लिए काल बनकर खड़े होंगे और अंततः भारत की विजय होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के प्रयासों को राष्ट्रधर्म बताते हुए कहा कि सरकार जो कर रही है, वही उचित और राष्ट्रहित में है।

राष्ट्रहित में न हो राजनीति- बाबा रामदेव

राजनीतिक दलों की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर बाबा रामदेव ने कहा कि जब बात देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा की हो तो राजनीति से ऊपर उठकर सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनेता राजनीति करते हैं, लेकिन जब देश की अस्मिता पर प्रश्न खड़ा हो तब राजनीति नहीं होनी चाहिए।

समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के एक बयान को लेकर पूछे गए सवाल पर बाबा रामदेव ने जवाब देते हुए कहा कि देश में 140 करोड़ लोग रहते हैं, कौन किसे वोट देता है? यह एक सेकेंड्री विषय है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि राष्ट्रीय स्तर पर हम सभी भारतीय एक हैं, और यही भावना हमारे संविधान हमें सिखाता है। लिहाजा हम सभी को कठिन समय में एक साथ आना चाहिए।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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