MP News: मध्य प्रदेश में लोगों को अब नवजात के बर्थ सर्टिफिकेट के लिए बेवजह भटकना नहीं पडे़गा। प्रदेश सरकार ने जन्म प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को आसान बनाने का फैसला लिया है। जिसके अनुसार अब नवजात बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र अस्पताल से छुट्टी से पहले ही जारी किया जाएगा। यह सुविधा खासतौर पर सरकारी अस्पतालों में लागू होगी, जिससे लोगों को बर्थ सर्टिफिकेट लेने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। साथ ही प्रमाण पत्र की प्रक्रिया तेज और आसान हो जाएगी।
मध्य प्रदेश सरकार ने यह कदम जन्म प्रमाण पत्र के महत्व को देखते हुए उठाया है, जिससे लोगों को प्रमाण पत्र के लिए भटकना न पड़े। सरकार ने सभी कलेक्टरों और अतिरिक्त मुख्य रजिस्ट्रार को निर्देश दिया है कि वे अस्पतालों में जन्म के समय ही नवजात का रजिस्ट्रेशन करें और उनका जन्म प्रमाण पत्र भी जारी करें। यह व्यवस्था खासतौर पर सरकारी अस्पतालों में लागू होगी, जहां 50 प्रतिशत से अधिक संस्थागत प्रसव होते हैं।
तेजी से अस्पताल में लागू होगी यह व्यवस्था
इस प्रक्रिया को तेजी से अस्पतालों में लागू किया जाएगा। इससे आम जनता को लाभ मिलेगी और उन्हें बच्चे के बर्थ सर्टिफिकेट के लिए अलग से परेशान नहीं होना पड़ेगा। कलेक्टरों को कहा गया है कि वे अपने जिलों में इस व्यवस्था को लागू करें, ताकि बच्चे के जन्म के तुरंत बाद जन्म प्रमाण पत्र जारी किया जा सके। यह फैसला लोगों के लिए महत्वपूर्ण कदम है, जो जन्म प्रमाण पत्र की उपयोगिता को बढ़ाएगा और सरकारी कामकाज भी आसान होगा।
