भोपाल

MP : विमान कंपनियों से साझा हुई MP की विमानन पॉलिसी, 200 कमर्शियल पायलट्स तैयार

मध्य प्रदेश के विमानन विभाग ने देशभर की विमानन कंपनियों से अपील की है कि वे राज्य की उड़ान योजना में भाग लें। मध्य प्रदेश की विमानन नीति को वैल्यू चेन के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इस अवसर पर निवेशकों को जानकारी दी गई कि राज्य...

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(फाइल फोटो)

भोपाल : मध्य प्रदेश के विमानन विभाग ने देशभर की विमान कंपनियों को प्रदेश की उड़ान में सहभागी बनने के लिए आमंत्रित किया है। यह जानकारी पुणे में आयोजित हेलिकॉप्टर्स एवं स्माल एयरक्राफ्ट्स समिट के दौरान दी गई, जिसमें केंद्रीय उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू की अध्यक्षता में प्रदेश के विमानन नीति-2025 का परिचय दिया गया। उप सचिव डॉ. कैलाश बुंदेला ने बताया कि मध्य प्रदेश में प्रति वर्ष 200 कमर्शियल पायलट्स तैयार किए जा रहे हैं, जो देश में सबसे अधिक हैं।

समिट में 20 राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हुए, और मध्य प्रदेश ने इस समिट का स्टेट स्पॉन्सर होने का गौरव प्राप्त किया। डॉ. बुंदेला ने निवेशकों को प्रदेश की विमानन नीति के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी, जिसमें एयरपोर्ट्स से नवीन गंतव्यों के लिए हवाई सेवाएं, मेंटेनेंस, रिपेयर, ओवरहॉल (MRO), और उड़ान प्रशिक्षण संस्थान (FTO) स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन शामिल हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि खजुराहो में पायलट्स के लिए देश का एकमात्र ट्रेनिंग संस्थान है। केंद्रीय मंत्री ने प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की और इस सेवा के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया। डॉ. बुंदेला ने समिट में प्रस्तावित एयरपोर्ट निर्माण कार्यों की शीघ्रता से शुरुआत करने का अनुरोध किया और निवेशकों को भोपाल में चर्चा के लिए आमंत्रित किया।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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