भोपाल

भ्रष्टाचार के खिलाफ MP में बड़ी कार्रवाई; लोकायुक्त ने रिटायर्ड आबकारी अधिकारी के 8 ठिकानों पर की छापेमारी, कई और खुलासे होने बाकी

मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। इंदौर और ग्वालियर में रिटायर्ड आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के आठ ठिकानों पर छापेमारी में करोड़ों की संपत्ति, सोना, नकदी और विदेशी मुद्रा बरामद हुई है। जांच में सामने आया है कि उनकी संपत्ति वैध आय से कई गुना अधिक है, और टीम जल्द ही इस मामले में बड़ा खुलासा कर सकती है।

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रिटायर्ड आबकारी अधिकारी पर लोकायुक्त की कार्रवाई

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Lokayukta Raids Retired Excise Officer: मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई तेज़ हो गई है। इंदौर और ग्वालियर में रिटायर्ड आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के आठ ठिकानों पर छापेमारी की गई। टीम ने बरामद किए गए सामान में ढाई किलो सोने के बिस्किट और आभूषण, लगभग 75 लाख रुपये नकद, 5 हजार यूरो (करीब साढ़े चार लाख रुपये), दो फ्लैट, निर्माणाधीन बंगला, कई अचल संपत्तियां, महंगी गाड़ियां, परफ्यूम और एक रिवॉल्वर शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, भदौरिया की वैध आय लगभग दो करोड़ रुपये थी, लेकिन उनके पास पाई गई संपत्ति इससे कई गुना अधिक है। जांच में यह भी सामने आया कि उनके बेटे और बेटी ने फिल्मों में भारी निवेश किया है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि 2020 में शराब ठेकों की नीलामी में लापरवाही के कारण उन्हें निलंबित किया गया था, और अब रिटायरमेंट के दो महीने बाद ही भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप उनके खिलाफ पुष्ट होते दिख रहे हैं। फिलहाल लोकायुक्त टीम के द्वारा मामले की जांच जारी है।

एक महीने पहले ही हुए सेवानिवृत्त

इंदौर के सहायक जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया, जो एक महीने पहले ही सेवानिवृत्त हुए हैं, के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है। ग्वालियर के विवेक नगर स्थित उनके निवास पर सुबह से टीम दस्तावेजों की जांच में जुटी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उनके इस घर से काले धन से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।

जल्द ही इस मामले में होगा बड़ा खुलासा

इसी दौरान इंदौर स्थित उनके फ्लैट पर भी लोकायुक्त टीम ने छापेमारी शुरू की है। कुल मिलाकर इंदौर और ग्वालियर समेत आठ ठिकानों पर जांच की जा रही है। अब तक की कार्रवाई में लाखों रुपये नकद, महंगे आभूषण, विदेशी मुद्रा और लाइसेंसी हथियार बरामद किए जा चुके हैं। लोकायुक्त टीम का दावा है कि जल्द ही इस मामले में बड़ा खुलासा होने वाला है।

करोड़ो की संपत्ति का चला पता

भदौरिया 1987 में आबकारी विभाग में उपनिरीक्षक के पद पर भर्ती हुए थे। नौकरी के दौरान उनकी वैध आय लगभग 2 करोड़ रुपये रही, लेकिन इंदौर स्थित फ्लैट की प्रारंभिक तलाशी में ही उनकी 7 से 8 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का पता चला है। फिलहाल, लोकायुक्त की टीमें सभी ठिकानों पर सर्चिंग जारी रखे हुए हैं।

Makarand Kale
मकरंद कालेauthor

सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ।\nततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि\n\nसाल 2008 में by chance journalist बना। 2013 से by choice journalist हूं। कहते हैं ना कि अच्छे काम में पहले बहुत परेशानियां आती हैं। और बाद में उसी की आदत पड़ जाती है।

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