NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक मामले में आरोपियों पर अब सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत केस चलाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार इस कानून के तहत दर्ज मामलों के जल्दी निपटारे के लिए चार राज्यों में फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित अदालतें बॉम्बे, कलकत्ता, दिल्ली और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के क्षेत्राधिकार में स्थापित की जाएंगी।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार जल्द ही संबंधित राज्य सरकारों और हाईकोर्टों को इस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतें गठित करने का निर्देश दे सकती है। इन अदालतों में मामलों की दैनिक आधार पर सुनवाई होगी, ताकि परीक्षा से जुड़े गंभीर अपराधों में जल्द न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
बॉम्बे हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में दो मामले
मौजूदा नीट पेपर लीक मामले में इस अधिनियम के तहत चार मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से दो मामले बॉम्बे हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, जबकि अन्य मामले दिल्ली, कलकत्ता और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के दायरे से जुड़े हैं।
21 जून 2024 से लागू है अधिनियम
यह सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024, 21 जून 2024 से लागू है। इसका उद्देश्य भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल, क्वेश्चन पेपर की अवैध बिक्री तथा अन्य अनुचित साधनों पर सख्ती से रोक लगाना है।
यह सभी परीक्षाएं इसमें शामिल
इस कानून के दायरे में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), कर्मचारी चयन आयोग (SSC), रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB), बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (IBPS), राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) तथा केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभागों और अधिसूचित संस्थाओं द्वारा आयोजित भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाएं शामिल हैं।
NTA द्वारा आयोजित NEET जैसी परीक्षाएं भी इसी कानून के अंतर्गत आती हैं, इसलिए इनसे जुड़े पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के मामलों में अब इसी अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे। माना जा रहा है कि फास्ट-ट्रैक अदालतों की स्थापना से परीक्षा घोटालों की सुनवाई में तेजी आएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई ज्यादा प्रभावी ढंग से हो सकेगी।
