मध्य प्रदेश के इंदौर शहर की साफ-सफाई की अक्सर बातें होती हैं। सफाई के मामले में इंदौर देश में नंबर-1 पर रहता है। इंदौर की पहचान पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन (Sumitra Mahajan), लता मंगेश्कर (Lata Mangeshkar), जानी वाकर, कैप्टन मुस्ताक अली (Captain Mustaq Ali), मकबूल फिदा हुसैन से भी है। राहत इंदौरी (Rahat Indori), राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर (Dr. BR Ambedkar) का जन्म भी इंदौर में ही हुआ था। लोकसभा चुनाव 2024 (Loksabha Election 2024) के चौथे चरण में इंदौर (Indore) सहित मध्य प्रदेश की 8 लोकसभा सीटों देवास (Dewas), उज्जैन (Ujjain), मंदसौर (Mandsour), रतलाम (Ratlam), धार (Dhar), खरगौन (Khargone) और खंडवा (Khandwa) में भी मतदान होगा। इसी दिन इन निर्वाचन क्षेत्रों के लोग अगले पांच साल के लिए अपने प्रतिनिधि का चुनाव करेंगे। बात करे इंदौर लोकसभा क्षेत्र की तो यहां पहली बार 1952 में चुनाव हुए थे। कभी कांग्रेस (Congress) का गढ़ रही इंदौर लोकसभा सीट आज भाजपा (BJP) का गढ़ है और 1989 से BJP लगातार इस सीट पर जीत दर्ज कर रही है।
बात शुरू से शुरू करें तो 1952 में कांग्रेस नेता नंदलाल जोशी ने यहां से जीत दर्ज की थी। इसके बाद 1957 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी कनहैय्यालाल खादीवाला इंदौर से जीतकर लोकसभा पहुंचे। 1962 में जब लोकसभा चुनाव हुए तो इंदौर के लोगों ने एक निर्दलीय होमी. एफ दाजी को अपना प्रतिनिधि चुना। हालांकि, अगले लोकसभा चुनाव यानी 1967 में कांग्रेस ने एक बार फिर इंदौर की सीट हथिया ली और कांग्रेस उम्मीदवार प्रकाश चंद्र सेठी विजयी रहे। इन्हीं प्रकाश चंद्र सेठी ने 1971 में भी इंदौर लोकसभा चुनाव जीता। 1972 के उपचुनाव में कांग्रेस नेता राम सिंह भाई को जीत मिली। आपातकाल (Emergency) के बाद 1977 में पहली बार हुए चुनाव में जनता पार्टी के कल्याण जैन ने इंदौर में जीत दर्ज की। हालांकि 1980 के लोकसभा चुनाव में एक बार फिर कांग्रेस (आई) नेता प्रकाश चंद्र सेठी को इंदौर में जीत मिली और वह कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर 1984 में भी विजयी रहे।
1989 में देश में राम जन्मभूमि आंदोलन की गूंज थी। भाजपा ने यहां से सुमित्रा महाजन को अपना उम्मीदवार बनाया। इंदौर के कवि और वरिष्ठ भाजपा नेता सत्यनारायण सत्तन के नेतृत्व में कवियों ने राम जन्मभूमि आंदोलन और अयोध्या को लेकर कई जोश भर देने वाली कविताएं लिखीं और सुनाईं। इस दौरान में इंदौर का माहौल बदल गया और कभी कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाने वाला इंदौर भाजपा की झोली में सरक गया। सुमित्रा महाजन को 1 लाख, 11 हजार, 614 मतों से बड़ी जीत मिली, उन्हें कुल 49.94 फीसद मत थे। इसके बाद 1991, 1996, 1998, 1999, 2004, 2009, 2014 के लोकसभा चुनावों में सुमिता महाजन लगातार चुनाव जीततीं रहीं। इसी दौरान वह सुमित्रा महाजन से सुमित्रा ताई बन गई और हर कोई उन्हें ताई कहकर पुकारने लगा। वह 30 साल तक इंदौर की सांसद रहीं।
इंदौर लोकसभा क्षेत्र में मतदान की तारीख (Indore Lok Sabha election polling date)
इंदौर (Indore), देवास (Dewas), उज्जैन (Ujjain), मंदसौर (Mandsour), रतलाम (Ratlam), धार (Dhar), खरगौन (Khargone) और खंडवा (Khandwa) मध्यप्रदेश की आठ लोकसभा सीटों के लिए चौथे चरण में 13 में को मतदान होगा। 13 मई को मतदाता EVM का बटन दबाकर अपनी-अपनी पसंद के उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करेंगे। हमारी तो मतदाताओं से यही अपील है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंचें और अपने मताधिकार का इस्तेमाल करके लोकतंत्र के पर्व में शामिल हों।इंदौर लोकसभा क्षेत्र में कब होगी मतगणना (Indore Lok Sabha election result date)
इंदौर सहित देश की सभी 543 लोकसभा सीटों के लिए एक साथ 4 जून 2024 को मतगणना होगी। 1 जून को सातवें व अंतिम चरण के मतदान के बाद हर किसी को 4 जून का ही इंतजार रहेगा, जब EVM खुलेंगी और जनता का फैसला सबके सामने आएगा।इंदौर के प्रमुख उम्मदीवार (Key Candidates of Indore Loksabha seat)
लोकसभा चुनाव 2024 की एक खासियत यह है कि यह चुनाव दो ध्रुवीय हो गए हैं। इसके एक ओर केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन NDA है तो दूसरी तरफ कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन INDIA है। हालांकि, कुछ अन्य पार्टियां और निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा बनाम कांग्रेस (BJP Vs Congress) ही है। इंदौर की बात कुछ अलग है, क्योंकि कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय बाम नामांकन के बाद पलट गए और उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। इस तरह से इंदौर में कांग्रेस या विपक्षी गठबंधन INDIA का कोई उम्मीदवार नहीं है। ये हैं इंदौर के प्रमुख उम्मीदवार -- शंकर लालवाणी - भाजपा/NDA
- संजय सोलंकी - बसपा
- अजीत सिंह - SUCI(C)
- बसंत गहलौत - जन संघ पार्टी
- पवन कुमार - अखिल भारतीय परिवार पार्टी
लोकसभा क्षेत्र में पिछले चुनाव का रिजल्ट : 2019
बात पिछले लोकसभा चुनाव की है तो भाजपा नेता शंकर लालवाणी ने यहां से 10 लाख, 68 हजार, 569 यानी कुल 65.59 फीसद वोट पाकर बड़ी जीत दर्ज की थी। उनके करीबी प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार पंकज सांघवी को 5 लाख, 20 हजार, 815 वोट मिले थे। इस तरह शंकर लालवाणी 5 लाख, 47 हजार, 754 वोटों से जीते। भाजपा ने इस बार भी शंकर लालवाणी की ही अपना उम्मीदवार बनाया है।इंदौर का पोहा, जलेबी, नमकीन खासे मशहूर हैं। इसके अलावा यहां की स्ट्रीट फूड मार्केट 56 भी काफी फेमस है। यहां पर IIM और IIT भी हैं। साल 2011 की जनगणना के अनुसार इंदौर की जनसंख्या 34 लाख, 76 हजार, 667 है। यहां ज्यादातर आबादी शहरी क्षेत्र में रहती है।
