भोपाल

Rewa: पब्लिक एजुकेशन के जॉइंट डायरेक्टर 15 दिन में हटे, विभाग में अधिकारियों की अदला-बदली; वन विभाग में भी चली 'ट्रांसफर मेल'

प्रदेश में तबादलों के अंतिम चरण में, 15 दिन पहले रीवा के संयुक्त संचालक लोक शिक्षण कार्यालय में डिप्टी डायरेक्टर के रूप में नियुक्त नीरव दीक्षित को संयुक्त संचालक के पद पर पदोन्नत किया गया था। हालांकि, शिक्षा विभाग ने 15 दिन के भीतर इस आदेश को वापस ले लिया है।

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रीवा DPI में फेरबदल

Photo : Twitter

Rewa News: मध्यप्रदेश में शिक्षा विभाग ने हाल ही में तबादलों के अंतिम दौर में कुछ जरूरी बदलाव किए हैं। 15 दिन पहले, नीरव दीक्षित को रीवा में डिप्टी डायरेक्टर के पद से जॉइंट डायरेक्टर के पद पर बैठाया गया था। हालांकि, शिक्षा विभाग ने इस आदेश को बदल दिया है।

2 जून को जारी आदेश के अनुसार, रीवा डिवीजनल कमीश्नर ने कार्यालय ने कमलेश्वर प्रसाद तिवारी को जॉइंट डायरेक्टर पब्लिक एजुकेशन के पद पर उच्च पद का प्रभार दिया था। इसके बाद, नीरव दीक्षित को जॉइंट डायरेक्टर पब्लिक एजुकेशन रीवा का प्रभार सौंपा गया था। लेकिन 17 जून को, लोक शिक्षण संचालनालय (Directorate of Public Instruction) ने दीक्षित को हटा कर उन्हें फिर से डिप्टी डायरेक्टर का पद दे दिया है। वर्तमान में, रीवा में किसी अधिकारी की डिप्टी डायरेक्टर के पद पर नियुक्ति नहीं की गई है। दूसरी तरफ वन विभाग ने रेंजर, डिप्टी रेंजर समेत दो सौ से अधिक अधिकारियों के तबादले आदेश 17 जून को जारी किए गए हैं।

वन विभाग में हुए हैं तबादले

वन विभाग ने 200 से अधिक अधिकारियों के तबादले किए हैं, जिसमें वन क्षेत्रपाल, प्रभारी वन क्षेत्रपाल, उप वन क्षेत्रपाल, सहायक वन संरक्षक और प्रभारी वन संरक्षक शामिल हैं। इन तबादलों में 128 वन क्षेत्रपाल प्रशासनिक, 29 स्वयं के व्यय पर और 7 प्रभारी वन क्षेत्रपाल शामिल हैं। इसके साथ ही, 57 सहायक वन संरक्षक, एक प्रभारी वन संरक्षक और सात प्रशिक्षु वन सेवा अधिकारियों के भी तबादले किए गए हैं। यह सभी बदलाव मध्यप्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलावों का संकेत देते हैं।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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