Ujjain News: चमत्कार की कहानियां आपने कई सुनी होंगी लेकिन उज्जैन के खाचरोद इलाके में जो हुआ, उसने हर किसी को हैरानी में डाल दिया। यहां एक 75 वर्षीय महिला, जिसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था, वो जिंदा हो गई। शव लेकर गांव लौटते वक्त एक स्पीड ब्रेकर के झटके ने उसकी सांसें लौटा दीं। घर पर अंतिम संस्कार की तैयारी हो चुकी थी।
डॉक्टरों ने किया था मृत घोषित
खाचरोद की रहने वाली अयोध्या बाई की तबीयत खराब होने पर परिजन उन्हें स्थानीय डॉक्टर के पास ले गए थे। डॉक्टर ने सिर की नस फटने और ब्रेन हेमरेज की स्थिति बताई, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें तुरंत इंदौर के एक बड़े अस्पताल में भर्ती कराया। वहां ऑपरेशन भी किया गया लेकिन प्रयासों के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
गांव लौटते समय हुआ चमत्कार
परिजन अयोध्या बाई के शव को गांव वापस ले जा रहे थे। रास्ते में जब गाड़ी एक स्पीड ब्रेकर पर से उछली, तो अचानक महिला को खांसी आई और फिर उसकी धड़कनें चलने लगीं। यह देखकर पहले तो परिजन घबरा गए, लेकिन जब उन्होंने महसूस किया कि महिला में फिर से जान आ गई है, तो आश्चर्य के साथ खुशी की लहर दौड़ गई।
अंतिम संस्कार की हो चुकी थी तैयारी
महिला की मृत्यु की खबर पहले ही सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से समाजजनों तक पहुंच चुकी थी। गांव में अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और समाज के लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए जुटने लगे थे। लेकिन जैसे ही यह खबर फैली कि अयोध्या बाई जिंदा हैं, लोगों को विश्वास नहीं हुआ। पूरे गांव में भी यह घटना चर्चा का विषय बन गई है।
