Madhya Pradesh Farmer Schemes: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए धनतेरस के मौके पर खुशखबरी आई है। अब सोलर पंप के लिए किसानों को पहले की तरह 40 फीसदी राशि नहीं, बल्कि केवल 10 फीसदी राशि ही खुद चुकानी होगी, जबकि शेष 90 फीसदी का खर्च मध्य प्रदेश सरकार वहन करेगी। इस योजना का लाभ अब 3 हॉर्स पावर कनेक्शन वाले किसान भी ले सकेंगे। सरकार की इस पहल से भविष्य में किसानों को फसलें नुकसान के डर से सड़कों पर नहीं फेंकनी पड़ेंगी, क्योंकि सरकार उनकी फसलें खरीद लेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 18 अक्टूबर को सीएम हाउस में आयोजित किसान सम्मेलन में इन घोषणाओं के साथ किसानों को बड़ी राहत दी। उन्होंने कहा कि “सारे पुण्य एक तरफ और अन्नदाता की सेवा एक तरफ।”
उन्होंने यह भी जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसान कल्याण के लिए हमेशा प्रतिबद्ध हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि पूर्व में कांग्रेस ने जनकल्याण कार्यों में बाधा डालकर गलत किया है। उन्होंने बताया कि पहले आपदा के समय किसानों को राहत राशि मिलने में लंबा समय लग जाता था, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह प्रक्रिया तेज हो गई है। उदाहरण के तौर पर, सोयाबीन की कटाई अभी हाल ही में हुई है, फिर भी नुकसान का भुगतान किसानों के खातों में पहले ही भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उनकी सरकार ने संकल्प पत्र के अनुसार गेहूं के लिए किसानों को प्रति क्विंटल 2600 रुपये का भाव दिया है, जो पूरे देश में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि किसान की परेशानियों और जरूरतों को केवल किसान का बेटा ही पूरी तरह समझ सकता है, और सरकार उसी दृष्टि से उनकी सेवा कर रही है।
खेतों और उद्योगों के लिए जीवनदायक है नर्मदा का पानी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस को ध्यान से सुनना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि 1956 में मध्य प्रदेश के गठन के बाद कभी भी किसी किसान के बेटे को मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि यह कार्य कांग्रेस की बड़ी गलती है, जबकि भाजपा ने किसानों के बेटे को प्रदेश का मुख्यमंत्री बना कर यह परंपरा तोड़ी। मुख्यमंत्री ने किसानों की मेहनत की सराहना करते हुए बताया कि वे धूप, ओला, बारिश, सूखा और बाढ़ जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए अनाज उगाते हैं और लोगों के लिए भोजन सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन के सारे पुण्य एक तरफ हैं और किसानों की सेवा एक अलग उच्च स्थान रखती है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि नर्मदा के पानी का उपयोग 1956 से 2003 तक कांग्रेस सरकार ने रोक रखा था। मध्य प्रदेश नदियों की धरती है, यहां 250 से अधिक नदियां बहती हैं। मां नर्मदा से निकला पानी निमाड़, मालवा और मध्य भारत के लोगों, खेतों और उद्योगों के लिए जीवनदायिनी है।
किसानों को डीजल के लिए लंबी लाइन में खड़ा होना पड़ता था
मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा घाटी परियोजना 1977 में तैयार हो गई थी, लेकिन कांग्रेस की सरकारों ने इसे लागू करने में कोई पहल नहीं की। उन्होंने बताया कि उस समय कांग्रेसी लोग इस योजना पर मज़ाक उड़ाया करते थे और कहते थे कि पानी को ऊंचाई पर पहुंचाना असंभव है। लेकिन आज यह योजना सफलतापूर्वक लागू हो चुकी है और इतिहास बन चुकी है। सीएम ने बताया कि 1956 में मध्य प्रदेश के गठन के बाद 2002-03 तक केवल 7.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई संभव थी। उन्होंने कहा कि 1956 में गेहूं का भाव 100 रुपये प्रति क्विंटल था और कांग्रेस की नीतियों के कारण यह 2002-03 तक केवल 500 रुपये तक बढ़ सका। इसके विपरीत, भाजपा सरकार के कार्यकाल में 2005 में 500 रुपये का भाव आज 2600 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में किसानों को डीजल के लिए लंबी लाइन में खड़ा होना पड़ता था और बिजली की भी भारी कमी थी। आज प्रदेश में बिजली की स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध है, जो किसानों और आम लोगों के लिए राहत का कारण है।
राज्य सरकार किसानों के कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि किसानों को हर साल 6 हजार रुपये की किसान सम्मान निधि मिलती है, वहीं केंद्र की तरफ से भी 6 हजार रुपये प्रदान किए जाते हैं। सीएम ने बताया कि 5 हॉर्स पावर के कनेक्शन पर किसानों को लगभग 7,500 रुपये का बिल आता है, जिस पर सरकार 51,000 रुपये तक की सब्सिडी देती है। इसके अलावा, अब सरकार ने सोलर पंप योजना में भी बड़ा सुधार किया है। पहले सोलर पंप की कीमत का 40 प्रतिशत किसान और 60 प्रतिशत सरकार देती थी, लेकिन अब मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि किसानों को केवल 10 प्रतिशत कीमत ही चुकानी होगी और बाकी 90 प्रतिशत सरकार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के पास 3 हॉर्स पावर के कनेक्शन हैं, उन्हें भी 5 हॉर्स पावर के सोलर पंप सिर्फ 10 प्रतिशत कीमत पर उपलब्ध होंगे। इससे किसान अपने घरों में बिजली चला सकेंगे। मुख्यमंत्री ने इसे किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया।
इन चीजों के उत्पादन में नंबर-1 है मध्य प्रदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि “नदी जोड़ो” योजना के माध्यम से किसानों को पर्याप्त जल उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि उनकी फसलें सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण हों। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने सिंचाई के लिए 100 लाख हेक्टेयर तक क्षेत्र को कवर करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश संतरा, मसाला, लहसुन, धनिया और तिलहन में देश में नंबर-1 पर है। मटर, प्याज, मिर्च और अमरूद उत्पादन में प्रदेश दूसरे स्थान पर है, जबकि औषधीय और सुगंधित पौधों के उत्पादन में तीसरे स्थान पर है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले कुछ फसलों का अधिक उत्पादन होने पर किसानों को उन्हें फेंकना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। सरकार भविष्य में फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाकर किसानों की फसल सीधे खरीदने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य के नक्शे के अनुसार फसल की स्थिति पर रिसर्च करें। उन्होंने कहा कि अन्न का अपमान किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा, क्योंकि अन्न में देवताओं का वास माना जाता है।
गोपालक किसानों से गोवर्धन पूजा मनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने सभी गोपालक किसानों से अपील की कि वे धूमधाम से गोवर्धन पूजा मनाएं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार शासकीय स्तर पर इस त्यौहार को मनाएगी। प्रदेश में ओरछा धाम को भव्य रूप देने के साथ-साथ राम वन गमन पथ को भी विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण से जुड़े प्रत्येक स्थान को तीर्थस्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। सीएम ने किसानों से अपने बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देने और अपने मित्रों की हर हाल में मदद करने का संदेश भी दिया। उन्होंने जोर दिया कि मुख्यमंत्री निवास केवल उनका निजी स्थान नहीं, बल्कि किसानों का आवास है। उन्होंने बताया कि पिछले साल 2 लाख किसानों का पंजीकरण हुआ था, और भावांतर योजना की शुरुआत के बाद अब तक 9 लाख सोयाबीन किसानों का पंजीकरण हो चुका है। इसके अलावा, लाड़ली बहनों को भाई दूज के अवसर पर 250 रुपये का अतिरिक्त लाभ भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
