Delhi News: दिल्ली सरकार ने महिला और अल्पसंख्यक आयोग में नई नियुक्तियों की घोषणा करते हुए दोनों संस्थाओं को नई जिम्मेदारियों के साथ सशक्त बनाने की पहल की है। इन नियुक्तियों का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, अधिकारों की रक्षा और अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण से जुड़े कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना है।
कौन होगा दिल्ली महिला आयोग का नया अध्यक्ष?
ऐसे में दिल्ली सरकार ने लता गुप्ता को दिल्ली महिला आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके साथ ही श्याम बाला, मालती वर्मा, लता सोढ़ी, सनरिका शर्मा झा और रेनू भल्ला को आयोग का सदस्य बनाया गया है। यह नियुक्तियां आयोग को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। दिल्ली महिला आयोग महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, अधिकारों की रक्षा और उनके सशक्तिकरण के लिए अहम भूमिका निभाता है। सरकार का मानना है कि नई टीम के गठन से आयोग की कार्यप्रणाली को और मजबूती मिलेगी तथा महिलाओं तक न्याय, सुरक्षा और आवश्यक सहायता समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगी।
सीएम रेखा गुप्ता ने दी बधाई
सीएम रेखा गुप्ता ने अपने X अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, "दिल्ली महिला आयोग की नव-नियुक्त अध्यक्ष लता गुप्ता और सभी सदस्यगण को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।" उन्होंने आगे लिखा कि, "पूर्ण विश्वास है कि आप सभी दिल्ली सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा, अधिकारों और सशक्तिकरण को नई दिशा देंगी तथा एक संवेदनशील, न्यायपूर्ण और सुरक्षित दिल्ली के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।"
'हर महिला आसानी से आयोग तक पहुंचे'
वहीं दिल्ली महिला आयोग की नव-नियुक्त अध्यक्ष लता गुप्ता ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि, "महिला सुरक्षा हमेशा से बहुत बड़ा मुद्दा रहा है। मेरी पहली जिम्मेदारी यह पक्का करना है कि हर महिला आसानी से आयोग तक पहुंचे।" बता दें महिला आयोग का अध्यक्ष पद पिछले दो साल से अधिक समय से खाली था। दिल्ली महिला आयोग में अध्यक्ष का पद जनवरी 2024 में स्वाति मालीवाल के इस्तीफे के बाद रिक्त हो गया था जब तत्कालीन आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला किया था।
दिल्ली प्रदेश भाजपा की उपाध्यक्ष रह चुकी हैं लता
लता गुप्ता का जन्म मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता और राष्ट्रवादी विचारधारा वाले परिवार में हुआ। परिवार से मिले संस्कारों ने उन्हें शुरू से ही सामाजिक और सार्वजनिक जीवन की ओर प्रेरित किया। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की और युवावस्था में ही सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय हो गईं। भाजपा संगठन में उन्होंने कई अहम पदों पर काम किया है। वह दिल्ली प्रदेश भाजपा की उपाध्यक्ष रह चुकी हैं। इसके अलावा वह दिल्ली भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व महामंत्री और शाहदरा जिला भाजपा की पूर्व जिलाध्यक्ष भी रही हैं। संगठन में उनकी पहचान एक सक्रिय और जमीनी नेता के रूप में रही है। स्थानीय राजनीति में भी लता गुप्ता का लंबा अनुभव है। वह 2007 से 2012 तक शकरपुर वार्ड और 2012 से 2017 तक पांडव नगर वार्ड से निगम पार्षद रहीं। अपने कार्यकाल में उन्होंने क्षेत्र में सड़क, सफाई, पानी, शिक्षा और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर काम किया। स्थानीय लोगों के बीच उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है। लता गुप्ता की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक यह है कि वह दिल्ली नगर निगम की पहली महिला स्थायी समिति (स्टैंडिंग कमेटी) की अध्यक्ष बनीं। यह पद नगर निगम की सबसे महत्वपूर्ण समितियों में से एक माना जाता है और इस पर पहली महिला के रूप में पहुंचना उनके राजनीतिक सफर का बड़ा पड़ाव माना गया।
निर्मल जैन होंगे दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष
दिल्ली सरकार ने निर्मल जैन को दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है, जबकि कुलदीप सिंह और मोहम्मद हारून को आयोग का सदस्य बनाया गया है। इन नियुक्तियों के माध्यम से सरकार ने आयोग को नई जिम्मेदारियों के साथ मजबूत करने का प्रयास किया है। सरकार का कहना है कि वह समाज के प्रत्येक वर्ग के अधिकारों की रक्षा, सम्मान और समग्र कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। नई नियुक्तियों से अल्पसंख्यक आयोग की कार्यक्षमता को बल मिलेगा और सामाजिक सौहार्द, समान अवसर तथा समावेशी विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा।
'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास'
इसपर मुख्यमंत्री ने X पर लिखा कि, "दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के नव-नियुक्त अध्यक्ष निर्मल जैन और सभी सदस्यगण को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' के मंत्र को सशक्त करते हुए समाज के सभी वर्गों के अधिकारों, सम्मान और कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य करेंगे तथा सामाजिक सद्भाव और समावेशी विकास को नई ऊर्जा देंगे।"
