भोपाल : नई दिल्ली में बीएसएल ग्लोबल आउटरीच समिट-2025 का आयोजन किया गया, जिसमें उद्योगपतियों के साथ राउंड टेबल चर्चा और वन-टू-वन संवाद के दौरान एमपी के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार उद्योगपतियों की हर तरह की मदद करने के लिए तैयार है। हम रोजगार परक उद्योग में काम करने वाली महिला के लिए 6 हजार रुपये प्रति वर्कर देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा मुझे गर्व है कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में व्यापार-व्यवसाय को रोकने वाले कानून बदले गए। हमने भी एमपी के उन 42 कानूनों को रद्द कर दिया जो व्यापार में अड़चनें पैदा करते थे। राज्य में उद्योग स्थापित करने के लिए 29 प्रकार की अनुमतियां लगती थीं। इन्हें पूरा करने में ही दो साल निकल जाते थे। हमने इन अनुमतियों को 29 से घटाकर 10 कर दिया। उद्योगों को शुरू करने के लिए मदद की जरूरत होती है। हम पानी-बिजली को लेकर सब्सिडी दे रहे हैं।
सीएम ने कहा उद्योगपतियों से कहा कि अगर आप अपने रोजगार परक उद्योगों में महिलाओं को काम देते हैं तो हम दस साल तक 6 हजार रुपये प्रति महिला देने को तैयार हैं। मध्यप्रदेश सरकार की सारी छूटों को मिला दिया जाए तो रोजगार परक उद्योग के लिए यह 200 फीसदी हो जाती है। मेक इन इंडिया का सपना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साकार हो रहा है। भारत में असीमित विविधताएं हैं। हमें प्रतिकूलताओं को पराजित करके अनूकूलता पर ध्यान देने की जरूरत है। हमारी सरकार हर सेक्टर को आगे बढ़ा रही है।
एमपी को टेक्सटाइल हब बनाने पर चर्चा
मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में भारत मंडपम के कन्वेंशन सेंटर में टेक्सटाइल-गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल चर्चा की। इस दौरान मध्यप्रदेश को टेक्सटाइल हब बनाने के विजन पर चर्चा हुई। इसमें निवेश, रोजगार और 'मेक इन एमपी' की संभावनाओं को नई दिशा मिली। भारत का दिल, अब दुनिया की टेक्सटाइल और गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग का नया केंद्र बन गया है। मध्य प्रदेश भारत के प्रमुख कपास उत्पादक राज्यों में से एक है। हमारे यहां प्रतिवर्ष लगभग 18 लाख गांठ कपास का उत्पादन होता है।
हम उद्योगपतियों की हर जरूरत पूरी करेंगे- सीएम डॉ. यादव
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात हम जैविक कपास के अग्रणी उत्पादक हैं। हमारे यहां जीओटीएस प्रमाणित कृषक समूह सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। 'खेत से कपड़े तक' की पूरी वैल्यू चेन में हम आपके साथी बन सकते हैं। हमारी नई औद्योगिक नीति 2025 तैयार है। यह उद्योगों और निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए अनुकूल वातावरण देती है। 'मेड इन एमपी' उत्पादों की वैश्विक बाजार तक पहुंच का हमारा लक्ष्य है। हमारे सभी प्रोत्साहन सीधे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर होते हैं। आपकी जो भी जरूरतें हों हमारे उद्योग को इन सब के मुताबिक बनाने की पूरी जिम्मेदारी हमारी है।
सिंगल विंडो सिस्टम से काम
उन्होंने कहा कि बाजार तक पहुंचने का समय कम, परिवहन की लागत कम, कार्यक्षमता ज्यादा यह हमारा भरोसा है। हम आपको 30 दिन के अंदर अपना व्यापार शुरू करने की गारंटी देते हैं। हमारा सिंगल विंडो सिस्टम सब कुछ एक जगह उपलब्ध कराता है। ऑनलाइन मंजूरी, टाइम बाऊंड अप्रूवल्स और सबसे ऊंचे स्तर से मॉनिटरींग होती है। हम केवल कारखाने नहीं, बल्कि प्रकृति के अनुकूल कारखाने लगा रहे हैं। स्वच्छ ऊर्जा, पानी की बर्बादी रोकना, जैविक कपास यह सब हमारी पहली प्राथमिकता है।
उद्योग आधारित छवि बना रहा मध्य प्रदेश
कार्यक्रम के बाद सीएम ने कहा कि सरकार द्वारा टेक्सटाइल इंडस्ट्री को लगातार प्रमोट किया जा रहा है। हमारे राज्य में कपास का उत्पादन बहुत अच्छे से होता है और कपास के उत्पादन से हमने धागा बनाने से लेकर कपड़े बनाने तक, कपड़े से रेडीमेड बायर-सेलर ,खरीददार और निर्माता सबका एक प्लेटफार्म तैयार किया है। देश के अंदर भी, और देश बाहर भी। आज बीएसएल द्वारा एक अच्छा और अनूठा आयोजन किया गया। इसमें इंडस्ट्री से जुड़े हुए देशभर के और दुनिया भर के बड़े-बड़े सुनामधन्य हस्तियों को एकत्रित किया गया। ये उद्योगपति न केवल निर्माण इकाइयों से अपना व्यवसाय करते हैं, बल्कि अपनी व्यवसाय से दुनिया में अपनी एक अलग साख बनाते हैं। वॉलमार्ट से लगाकर सारे बड़े-बड़े ग्रुप यहां मौजूद थे। मुझे इस बात का संतोष है कि मध्यप्रदेश सरकार की सभी लोक कल्याणकारी नीतियों के साथ-साथ उत्पादन प्रेमी नीतियां बना करके हमने सब प्रकार से निर्माण इकाइयों को प्रोत्साहन देने के लिए अपनी सभी पॉलिसियों पर विस्तार से बात की है।
