भोपाल

कफ सिरप से बच्चों की मौत पर बड़ी राहत, 'ज़हर' डायथिलीन ग्लाइकॉल की पुष्टि नहीं : स्वास्थ्य मंत्रालय

जाँच में पता चला कि किसी भी कफ सिरप में वह खतरनाक केमिकल डायथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) या एथिलीन ग्लाइकॉल (EG) नहीं था, जिससे किडनी खराब हो जाती है। राज्य सरकार की जाँच में भी यह बात सही निकली है।

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(सांकेतिक फोटो)

दिल्ली : मध्य प्रदेश और राजस्थान में बच्चों की मौत को कफ सिरप से जोड़ने वाली खबरों पर सरकार ने तुरंत जांच शुरू की थी। अब इस जांच से अच्छी खबर सामने आई है। बच्चों की जान लेने वाले जहरीले पदार्थ कफ सिरप में नहीं मिले हैं। मध्य प्रदेश में हुई बच्चों की मौत की जांच के लिए दिल्ली से एक बड़ी टीम गई थी। इस टीम में स्वास्थ्य और दवा की जांच करने वाले बड़े अधिकारी शामिल थे।

किडनी खराब करने वाला केमिकल (DEG/EG) नहीं मिला

टीम ने बच्चों को दिए गए कफ सिरप के कई नमूने लिए। जांच में पता चला कि किसी भी कफ सिरप में वह खतरनाक केमिकल डायथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) या एथिलीन ग्लाइकॉल (EG) नहीं था, जिससे किडनी खराब हो जाती है। राज्य सरकार की जांच में भी यह बात सही निकली है।

बीमारी का दूसरा संकेत

सिरप में जहर तो नहीं मिला, लेकिन एक बच्चे के खून की जांच में लेप्टोस्पायरोसिस नाम की एक बीमारी का पता चला है। अब विशेषज्ञ यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि बच्चों की मौत की असली वजह क्या थी। पानी और मच्छरों के नमूनों की भी जाँच की जा रही है।

राजस्थान: जिस सिरप पर शक, वह बच्चों के लिए है ही नहीं

राजस्थान में दो बच्चों की मौत जिस कफ सिरप से हुई, उसके बारे में भी स्थिति साफ की गई है। सिरप में खतरनाक केमिकल का स्रोत नहीं है। सरकार ने बताया कि इस सिरप में वह पदार्थ नहीं था जो जहरीले केमिकल (DEG/EG) का कारण बन सकता था। सबसे खास बात यह है कि यह कफ सिरप बच्चों को देने के लिए बना ही नहीं था (यह डेक्सट्रोमेथॉर्फ़न वाला सिरप था, जो बच्चों को नहीं देना चाहिए)।

स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह

बच्चों को कफ सिरप सोच समझकर दें। इन घटनाओं के बाद, स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को एक चेतावनी (एडवाइजरी) जारी की है। इसमें कहा गया है कि बच्चों को कफ सिरप बहुत सोच-समझकर और डॉक्टर की सलाह से ही दें। जांच की पहली रिपोर्ट में कफ सिरप के अंदर कोई जहर न मिलना एक बड़ी राहत है, लेकिन सभी पहलुओं पर अंतिम नतीजे आने तक जांच जारी रहेगी।

bhawana gupta
भावना किशोरauthor

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यूज़ नेशन, इंडिया न्यूज़, टीवी 9 भारतवर्ष और ज़ी न्यूज़, न्यूज 18 में काम करने का अनुभव. अभी Times Now में Special correspondent हैं.दिल्ली सरकार, स्वास्थ्य ,रेल, कल्चरल, शिक्षा मंत्रालयों के साथ दिल्ली क्राइम ,पॉलिटिक्स और राजधानी की हर छोटी बड़ी खबरों पर खास तौर से नजर रखती हैं. लोगों से जुड़ी खबरों पर काम करने और लोगों तक सही और सटीक खबरें पहुंचाने को अपना मकसद मानती हैं।

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