भोपाल

MP का अलीराजपुर अब कहलाएगा आलीराजपुर, 13 साल बाद पूरी हुई मांग; जानें इस जगह का इतिहास

मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले का नाम बदल दिया गया है। अब इस जिले को औपराचिक रूप से आलीराजपुर नाम मिल गया है। गृह मंत्रालय से अनापत्ति पत्र मिलने के बाद राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गई। नाम बदलने की पहल 2012 में हुई थी और करीब 13 साल बाद इसे मंजूरी मिली।

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MP का अलीराजपुर अब बना आलीराजपुर (India Rail Info)

Alirajpur Name Changed: मध्य प्रदेश का अलीराजपुर जिला अब औपचारिक रूप से आलीराजपुर कहलाएगा। भारत सरकार के गृह मंत्रालय से अनापत्ति पत्र मिलने के बाद राज्य सरकार ने जिले के नाम में बदलाव का फैसला लिया है। इसके साथ ही राजस्व विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। यानी अब से सरकार के सभी रिकॉर्ड और दस्तावेजों में जिले का नाम आलीराजपुर ही दर्ज होगा।

2012 में हुई नाम बदलने की शुरुआत

जिले का नाम बदलने की शुरुआत साल 2012 में हुई थी। जिले के तत्कालीन प्रभारी मंत्री अंतर सिंह आर्य की अध्यक्षता में जिला योजना समिति की एक बैठक में यूनिवर्सल सृजन जनसेवा नाम के एनजीओ द्वारा एक ज्ञापन दिया गया। इस दिए गए ज्ञापन में अलीराजपुर का नाम बदलकर आलीराजपुर करने की मांग रखी गई थी। काफी लंबी प्रक्रिया के बाद यानि लगभग 13 साल बाद 21 अगस्त 2025 को गृह मंत्रालय ने प्रस्ताव पर सहमति देते हुए NOC जारी की। मंत्रालय की सहमति मिलते ही राज्य सरकार ने औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी है।

alirajpur

अलीराजपुर का बदला नाम

भील जनजाति से जुड़ा से आलीराजपुर का इतिहास

आलीराजपुर का इतिहास भील जनजाति के लंबे इतिहास से जुड़ा है, रियासत की राजधानी आलीराजपुर में 15वीं सदी में राजा आलिया भील ने शासन किया था, बाद में मुगलों के समय इसका नाम अलीराजपुर हो गया। अब फिर से इसे राजा आलिया भील के नाम पर आलीराजपुर किया गया है। 15वीं शताब्दी में ये क्षेत्र भील राजाओं के अधिपत्य में था, इसमें राजा आलिया भील का शासन प्रमुख रहा। बाद में यहां मुगल साम्राज्य और फिर मराठा साम्राज्य रहा। साल 1818 में अंग्रेजों के आने के बाद अलीराजपुर एक स्वतंत्र रियासत बन गई, जो ब्रिटिश भारत की मध्य भारत एजेंसी का हिस्सा थी। आजादी के बाद ये मध्य भारत का ही हिस्सा रहा। मध्यप्रदेश के गठन के बाद से ही अलीराजपुर झाबुआ जिले का हिस्सा था, लेकिन 17 मई 2008 को इसे एक अलग जिले के रूप में स्थापित किया गया। आलीराजपुर जिले में भील आदिवासी बाहुल्य में हैं।

Makarand Kale
मकरंद कालेauthor

सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ।\nततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि\n\nसाल 2008 में by chance journalist बना। 2013 से by choice journalist हूं। कहते हैं ना कि अच्छे काम में पहले बहुत परेशानियां आती हैं। और बाद में उसी की आदत पड़ जाती है।

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