भोपाल

MP: कूनो नेशनल पार्क में छोड़े गए 5 नए चीते, मादा चीता ‘आशा’ के साथ ‘धीरा’ का होगा दीदार

मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में पांच और चीते छोड़े गए, जिनकी संख्या अब सात हो गई है। चीता पार्क के बड़े बाड़े में बंद मादा चीता आशा को उसके तीन नर शावकों के साथ जंगल में छोड़ा गया साथ ही मादा चीता धीरा को अलग से जंगल में छोड़ा गया।

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कूनो पार्क में छोड़े गए चीते

श्योपुर: जिले में कुनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में बुधवार को पांच और चीतों को बाड़े से जंगल में छोड़ा गया। इसके साथ ही केएनपी में कुल 26 चीतों में से सात अब जंगल में हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दोपहर में मादा चीता धीरा और आशा तथा आशा के तीन शावकों को जंगल में छोड़ा। उन्होंने अधिकारियों के साथ चीता परियोजना की समीक्षा भी की।

एशिया से विलुप्त हो चुके चीते मध्यप्रदेश में

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देखकर बेहद खुशी हो रही है कि एशिया से विलुप्त हो चुके चीते मध्यप्रदेश में अपना कुनबा बढ़ा रहे हैं। यादव ने मंगलवार को जानकारी साझा की थी कि चीता वीरा के दो शावकों ने जन्म लिया है। केएनपी में अब 14 शावकों सहित 26 चीते हैं। इससे पहले पिछले साल दिसंबर में, चीता वायु और अग्नि को उनके बड़े बाड़ों से जंगल में छोड़ा गया था।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 सितंबर, 2022 को आठ नामीबियाई चीतों - पांच मादा और तीन नर - को केएनपी के बाड़ों में छोड़ा था। यह शिकार और आवास के नुकसान के कारण भारत में चीतों के विलुप्त होने के सात दशक बाद दुनिया का पहला अंतरमहाद्वीपीय चीतों का स्थानांतरण था।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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