Bargi Dam Cruise Mishap: मध्य प्रदेश के जबलपुर के बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे को लेकर अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला न्यायालय के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट डीपी सूत्रकार ने मामले का खुद संज्ञान लेते हुए हादसे के समय मौजूद क्रूज चालक और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने बरगी थाना प्रभारी को आदेश दिया है कि दो दिन के अंदर मामला दर्ज कर इसकी जानकारी न्यायालय को दी जाए और विस्तृत जांच शुरू की जाए। बता दें कि हादसे में 13 लोगों की मौत हुई थी।
डूब रहे लोगों को नहीं की बचाने की कोशिश
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि क्रूज चालक को पूरी स्थिति की जानकारी होने के बावजूद उसने डूब रहे लोगों को बचाने का प्रयास नहीं किया और खुद सुरक्षित निकल गया। यह आचरण भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 106 और धारा 110 के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
जान बचाने वाले व्यक्तियों की सराहना
न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इस तरह के मामलों में समय पर एफआईआर दर्ज नहीं की जाती और जांच नहीं होती, तो भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है और लापरवाही बढ़ सकती है। कोर्ट ने हादसे के दौरान लोगों की जान बचाने वाले व्यक्तियों की सराहना भी की।
13 लोगों की हुई थी मौत
30 अप्रैल को मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में चल रही एक क्रूज बोट अचानक पलट गई, जिससे 13 लोगों की जान चली गई। इस दर्दनाक हादसे में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। घटना के बाद सामने आई एक तस्वीर, जिसमें चार साल का मासूम अपनी मृत मां से लिपटा नजर आया, ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। दुर्घटना के बाद सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
चार सदस्यीय कमेटी का गठन
वहीं इससे पहले हादसे की गहन जांच के लिए सरकार ने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस समिति में होमगार्ड और सिविल डिफेंस के अतिरिक्त महानिदेशक, जबलपुर संभाग के आयुक्त और पर्यटन विभाग के सचिव को शामिल किया गया है। समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, जांच के लिए विस्तृत कार्य-सीमा (टर्म्स ऑफ रेफरेंस) तैयार की जा रही है और इस दौरान गोवा की क्रूज संचालन नीति का भी अध्ययन किया जाएगा।
