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Bankipur Bypoll Live Updates: बांकीपुर उपचुनाव के लिए मतदान शुरू, BJP के गढ़ में प्रशांत किशोर की एंट्री से मुकाबला हुआ दिलचस्प, दांव पर नितिन नबीन की प्रतिष्ठा

बांकीपुर विधानसभा सीट से नितिन नबीन लगातार पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं। हाल ही में उनके बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने और उसके बाद मार्च 2026 में राज्यसभा के लिए चुने जाने के कारण यह सीट खाली हुई थी...

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बांकीपुर उपचुनाव में पीके की साख दांव पर

Photo : PTI

Bankipur Bypoll Live Updates: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया है। जनसुराज सुप्रीमो प्रशांत किशोर के चुनावी मैदान में उतरने से सभी की नजरें इस सीट पर लगी हैं। लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी (BJP) का अभेद्य किला मानी जाने वाली इस सीट पर चुनावी जंग बेहद दिलचस्प हो गई है। इसका मुख्य कारण चुनाव रणनीतिकार से नेता बने 'जन सुराज पार्टी' (JSP) के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) का खुद चुनावी मैदान में उतरना है। उन्होंने सीधे तौर पर बीजेपी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के वर्चस्व को चुनौती दी है। जानिए हर अपडेट -

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान शुरू

अधिकारियों ने बताया कि बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान गुरुवार सुबह 7 बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुआ। लगभग 38 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करके 26 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे, जिनमें जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर भी शामिल हैं, जो पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मतदान शाम 6 बजे तक चलेगा। मतों की गिनती 3 अगस्त को होगी।

बांकीपुर उपचुनाव के लिए मॉक ड्रिल

क्यों हो रहा है उपचुनाव?

बांकीपुर विधानसभा सीट से नितिन नबीन लगातार पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं। हाल ही में उनके बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने और उसके बाद मार्च 2026 में राज्यसभा के लिए चुने जाने के कारण यह सीट खाली हुई थी, जिसके बाद यहां 30 जुलाई को मतदान का कार्यक्रम तय किया गया है।

प्रशांत किशोर की सीधी चुनौती

आम तौर पर पर्दे के पीछे रहकर चुनाव रणनीतियां बनाने वाले प्रशांत किशोर इस बार खुद चुनावी रण में हैं। पीके ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने जानबूझकर बांकीपुर जैसी कठिन और बीजेपी के लिए सुरक्षित मानी जाने वाली सीट को चुना है ताकि वह साबित कर सकें कि बीजेपी को उसके घर में भी हराया जा सकता है। प्रशांत किशोर इस उपचुनाव को राज्य की वर्तमान एनडीए सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की लोकप्रियता पर एक 'जनमत संग्रह' के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने नीट (NEET) पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन जैसे मुद्दों को उठाकर युवाओं और स्थानीय वोटरों को साधने की आक्रामक कोशिश की है।

बीजेपी की बढ़ी चिंता, बदला उम्मीदवार!

प्रशांत किशोर की मजबूत चुनौती को देखते हुए बीजेपी खेमे में भी खलबली मची हुई है। चर्चाओं के अनुसार, पार्टी ने शुरुआती रणनीतियों के बाद ऐन वक्त पर अपने घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार को बदलकर युवा नेता नीरज कुमार सिन्हा को टिकट थमा दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पीके के मैदान में उतरने के बाद बीजेपी कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती।

इस सीट को बचाने के लिए खुद बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में जोरदार रोड शो और जनसभाएं की हैं। पार्टी ने अपने कोर वोटर्स (कायस्थ, वैश्य, भूमिहार, राजपूत और ब्राह्मण) को एकजुट रखने के लिए करीब 16 मंत्रियों और कई सांसदों को चुनाव प्रचार में झोंक दिया है।

त्रिकोणीय मुकाबले के आसार

भले ही मुख्य मुकाबला बीजेपी और प्रशांत किशोर के बीच देखा जा रहा हो, लेकिन विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने भी यहां से रेखा गुप्ता को मैदान में उतारकर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी आखिरी दिनों में चुनाव प्रचार का मोर्चा संभालते हुए कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सरकार को घेरा है।

1995 से लगातार बीजेपी के कब्जे में रही बांकीपुर सीट पर जहां बीजेपी के सामने अपनी साख बचाने की बड़ी चुनौती है, वहीं प्रशांत किशोर के लिए यह चुनाव उनकी राजनीतिक जमीन और 'जन सुराज पार्टी' के भविष्य का लिटमस टेस्ट साबित होने वाला है। इस हाई-प्रोफाइल सीट के चुनावी नतीजे 3 अगस्त को घोषित किए जाएंगे।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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