अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले के बाद अब देश के कई मंदिरों में चंदे की अनियमितताएं सामने आई हैं। इसी कड़ी में चार धामों में से एक Badrinath Dham में भी कथित चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया है। इस मामले के सामने आने के बाद बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने एक्शन लिया है। बदरीनाथ मंदिर में कथित चढ़ावा हेरफेर मामले में BKTC ने मंदिर समिति के अध्यक्ष के पर्सनल सेक्रेटरी प्रमोद नौटियाल को सस्पेंड कर दिया है। यही नहीं इस मामले में BKTC ने FIR भी दर्ज करवाई है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस मामले में काफी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने जांच समिति को 15 दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि शुरुआती जांच के तहत मंदिर में चढ़ावा चोरी की पुष्टि हो चुकी है और इसके बाद इस मामले में सियासी रूप ले लिया है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बाद बहुजन समाज पार्टी (BSP) भी इस मुद्दे पर काफी आक्रामक है। BSP सुप्रीमो मायावती ने राज्य सरकार पर खूब हमला बोलने के साथ ही SIT जांच की मांग भी उठाई है।
निलंबन के बाद भी प्रमोद नौटियाल को भत्ता मिलता रहेगा
बता दें कि इस निलंबन अवधि के दौरान भी प्रमोद नौटियाल को नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता समिति की तरफ से दिया जाएगा। साथ ही उन्हें बीकेटीसी दफ्तर, जोशीमठ (जिला चमोली) से अटैच किया गया है। इस दौरान सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना उन्हें मुख्यालय छोड़ने की इजाजत नहीं होगी। उन्हें जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाही में अपेक्षित सहयोग देना अनिवार्य होगा।
जांच समिति में कौन-कौन?
बदरीनाथ मंदिर में दान-चढ़ावे को लेकर अनियमितता की शिकायत पर गठित उच्च स्तरीय समिति में अध्यक्ष आयुक्त गढ़वाल मंडल के साथ प्रबंध निदेशक, एनएचएम संदीप तिवारी तथा कार्यालय महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल द्वारा जारी आदेश के अनुसार समिति मंदिर में आने वाले दान-चढ़ावे से संबंधित कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच करेगी और 15 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट एवं संस्तुतियां शासन को प्रस्तुत करेगी।
मंदिर समिति को पारदर्शी बनाने के सुझाव
जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर समिति किसी भी अधिकारी, विशेषज्ञ अथवा अन्य संबंधित व्यक्ति का सहयोग और सलाह ले सकती है। साथ ही समिति दान-चढ़ावे के प्रबंधन तंत्र को ज्यादा पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावी बनाने के लिए जरूरी सुधारात्मक उपायों एवं सुझावों से भी शासन को अवगत कराएगी।
कौन हैं प्रमोद नौटियाल
BKTC ने प्रमोद नौटियाल को सस्पेंड तो कर दिया है और FIR भी कर दी है। अब प्रश्न उठ रहे हैं कि आखिर प्रमोद नौटियाल कौन हैं? उनके पास मंदिर से जुड़ी किस प्रकार की जिम्मेदारियां थीं? ज्ञात हो कि प्रमोद नौटियाल BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के प्रर्सनल सेक्रेटरी रहे हैं। प्रमोद के खिलाफ प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। कार्रवाई से पहले 3 जुलाई 2026 को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
BKTC अध्यक्ष ने किया इनकार
प्रमोद नौटियाल के खिलाफ एक्शन लेने वाली मंदिर समिति के अनुसार वह जिस पद पर हैं, जांच को प्रभावित कर सकते हैं। इधर मामले ने तब अलग ही रुख ले लिया, जब BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने यह कह दिया कि प्रमोद नौटियाल उनके पर्सनल सेक्रेटरी नहीं थे, बल्कि वह समिति के एक कर्मचारी मात्र थे। हेमंत द्विवेदी से पहले भी भी प्रमोद नौटियाल BKTC के पूर्व अध्यक्षों के पीए रह चुके हैं।
तेजी से बढ़ा प्रमोद नौटियाल का करियर ग्राफ
कहते हैं कि प्रमोद नौटियाल पर मंदिर समिति की विशेष कृपा रही है, उनका करियर ग्राफ भी तेजी से बढ़ा है। दैनिक हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार साल 2014 में प्रमोद नौटियाल इंटरनेट कोऑर्डिनेटर के एकल पद पर नियुक्त हुए थे, जिस पर प्रमोशन भी संभव नहीं था। इसके बावजूद साल 2018 में उन्हें सीधी भर्ती वाले व्यक्तिगत सहायक के पद पर नियुक्त कर दिया गया। यही नहीं साल 2023 में मंदिर समिति की नियमावली में बदलाव करके जनसंपर्क विशेष अधिकारी के पद पर प्रोन्नति का रास्ता भी खोल दिया गया। BKTC अध्यक्ष का निजी सहायक होने के बावजूद भी उन्हें चढ़ावा गणना के काम में लगाया गया।
