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रामपुर की सलाखों में कटेंगे आजम खान और अब्दुल्ला के दिन! सुपीरियर क्लास जेल की डिमांड

अदालत ने यह भी निर्देशित किया कि आजम खान को 'सुपीरियर क्लास जेल' उपलब्ध कराई जाए और उनके स्वास्थ्य को देखते हुए समुचित मेडिकल सुविधा भी मुहैया कराई जाए। अदालत का आदेश आजम खान के लिए राहत भरा माना जा रहा है। इससे पहले सबसे ज्यादा मामलों में अभियुक्त बनाए गए आजम खान सीतापुर जेल में जबकि कई अन्य मामलों में आरोपी उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम हरदोई जेल में बंद थे।

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रामपुर जेल में रहेंगे आजम और अब्दुला आजम (फोटो-ट्विटर)

रामपुर : रामपुर की विशेष सांसद /विधायक अदालत ने बुधवार को निर्देश दिया कि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को रामपुर जिला जेल में ही रखा जाए और बिना पूर्व अनुमति के उन्हें किसी अन्य जेल में स्थानांतरित न किया जाए। न्यायाधीश शोभित बंसल ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद रामपुर जेल अधीक्षक को आदेश दिया कि आजम के खिलाफ लंबित कई मामलों की सुनवाई रामपुर में ही हो रही है इसलिए दोनों को रामपुर जिला जेल में ही रखा जाए और बिना अदालत की अनुमति के उनको रामपुर से बाहर दूसरे जिले की जेल में स्थानांतरित नहीं किया जाए।

साथ ही अदालत ने यह भी निर्देशित किया कि आजम खान को 'सुपीरियर क्लास जेल' उपलब्ध कराई जाए और उनके स्वास्थ्य को देखते हुए समुचित मेडिकल सुविधा भी मुहैया कराई जाए। अदालत का आदेश आजम खान के लिए राहत भरा माना जा रहा है। इससे पहले सबसे ज्यादा मामलों में अभियुक्त बनाए गए आजम खान सीतापुर जेल में जबकि कई अन्य मामलों में आरोपी उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम हरदोई जेल में बंद थे।

पैन कार्ड मामले में 7-7 साल की सजा

न्यूज एजेंसी पीटीआई/भाषा के हवाले से आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला को अलग अलग जन्म तिथि के दो पैन कार्ड बनवाने के मामले में विगत सोमवार को सात-सात साल की कैद की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद आजम ने रामपुर जिला जेल में ही रखे जाने की मांग करते हुए एक आवेदन दाखिल किया था। उन्होंने अपने खराब स्वास्थ्य और अपने खिलाफ 100 से ज्यादा मामलों का हवाला दिया था। साथ ही अपने बेटे के खिलाफ लगभग 45 मामलों का भी हवाला दिया था, जिनमें से ज़्यादातर की सुनवाई रामपुर में हो रही है।

आजम खान ने यह भी अनुरोध किया था कि उनके बेटे को भी रामपुर जेल में उनके साथ रखा जाए क्योंकि उनकी सेहत को देखते हुए उन्हें बेटे के सहारे की जरूरत है। अभियोजन पक्ष ने इस याचिका का विरोध करते हुए तर्क दिया कि अभियुक्त अलग-अलग मामलों में अलग-अलग बीमारियों का हवाला बिना किसी ठोस सबूत के दे रहे हैं।

उसने यह भी कहा कि कैदियों का स्थानांतरण एक प्रशासनिक मामला है और रामपुर जेल में ही रखने का आवेदन विचारणीय नहीं है। हालांकि अदालत ने खान के अनुरोध को स्वीकार कर लिया और अधिकारियों को उसकी स्पष्ट अनुमति के बिना दोनों को किसी अन्य जिला जेल में स्थानांतरित करने से रोक दिया। आजम खान पिछली 23 सितंबर को 23 महीने बाद सीतापुर जेल से जमानत पर रिहा हुए थे।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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