Ram Mandir Dhwajarohan Highlights: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी मंगलवार 25 नवंबर को अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर के शिखर पर ऐतिहासिक ध्वजारोहण करेंगे। पीएम मोदी द्वारा ध्वजारोहण सुबह 11:52 बजे से दोपहर 12:35 बजे के बीच, किया जाएगा। बताया जा रहा है कि 32 मिनट का यह शुभ योग भगवान श्रीराम के जन्म नक्षत्र अभिजीत मुहूर्त से मेल खाता है। यही कारण रहा कि इस समय को खासतौर पर चुना गया।
जानकारी के अनुसार, ध्वजारोहण के लिए खास तौर पर ध्वज तैयार किया गया। यह ध्वज 22 फीट लंबा और 11 फीट चौड़ा है, जिसका वजन दो से तीन किलो के बीच है। यह ध्वज 161 फीट ऊंचे मंदिर के शिखर और 42 फीट ऊंचे पोल के अनुसार बनाया गया है। ध्वजारोहण के बाद, मंदिर में 21 नवंबर से चल रहे अनुष्ठानों की भी पूर्णाहुति होगी। प्रधानमंत्री राम दरबार और गर्भगृह में रामलला के दर्शन कर पूजा-अर्चना करेंगे, जिसके बाद वह सप्तऋषि मंदिर और माता अन्नपूर्णा मंदिर में भी प्रार्थना करेंगे।
Ram Mandir Dhwajarohan (12:46 PM): संघर्ष से सृजन की गाथा है धर्मध्वज
प्रधानमंत्री मोदी ने केसरिया धर्मध्वज पर बोलते हुए कहा कि यह केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का प्रतीक है। इसका भगवा रंग, सूर्यवंश की ख्याति, ॐ शब्द और कोविदार वृक्ष रामराज्य की कीर्ति को दर्शाते हैं। यह ध्वज संकल्प और सफलता का प्रतीक है, संघर्ष से सृजन की गाथा है और सदियों से चले आ रहे स्वप्नों का साकार रूप है। यह संतों की साधना और समाज की सहभागिता की सार्थक परिणति है। धर्मध्वज प्रेरणा देगा कि प्राण जाए पर वचन न जाए, संदेश देगा कि विश्व में कर्म और कर्तव्य की प्रधानता हो, और कामना करेगा कि समाज भेदभाव, पीड़ा और परेशानी से मुक्त होकर शांति और सुख में जी सके। उन्होंने कहा कि राम भेद से नहीं, भाव से जुड़ते हैं; उनके लिए कुल नहीं, भक्ति महत्वपूर्ण है; उन्हें वंश नहीं, मूल्य प्रिय है; और उन्हें शक्ति नहीं, सहयोग महान लगता है। आज हम भी उसी भावना से आगे बढ़ रहे हैं।
Ram Mandir Dhwajarohan (12:30 PM): आज पूरा भारत राममय है- प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत “सियावर राम चंद्र की जय, जय सियाराम” के उद्घोष से की। उन्होंने कहा कि आज संपूर्ण भारत और विश्व राममय हो गया है, हर रामभक्त के हृदय में अद्वितीय संतोष और अलौकिक आनंद का अनुभव हो रहा है। सदियों से चले आ रहे घाव भर रहे हैं और पीढ़ियों की वेदना को विराम मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सदियों का संकल्प आज पूर्णता को प्राप्त हुआ है। यह उसी यज्ञ की पूर्णाहुति है, जिसकी अग्नि पांच सौ वर्षों तक प्रज्ज्वलित रही और जो कभी आस्था या विश्वास से डिगा नहीं।
Ram Mandir Dhwajarohan (12:16 PM): रामराज्य का ध्वज फिर फहरा रहा- मोहन भागवत
मोहन भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन हम सबके लिए अत्यंत सार्थक है। अनेक लोगों ने इस सपने को साकार करने के लिए प्रयास किए और अपने प्राणों का बलिदान दिया। आज उनकी आत्मा निश्चित रूप से तृप्त हुई होगी। अशोक सिंघल, संत परमहंस चंद्र दास और आदरणीय डालमिया जी जैसी विभूतियों की आत्मा को भी शांति मिली होगी। उन्होंने कहा कि मंदिर की शास्त्रीय प्रक्रिया अब पूर्ण हो चुकी है। राम राज्य का वह ध्वज, जो कभी अयोध्या में लहराता था और पूरी दुनिया को समृद्धि देता था, आज पुनः ऊपर उठते हुए हमारी आंखों के सामने दिखाई दे रहा है।
Ram Mandir Dhwajarohan (12:08 PM): योगी बोले- केसरिया ध्वज शक्ति, न्याय और राष्ट्रधर्म का प्रतीक
ध्वजारोहण के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरसंघ चालक मोहन भागवत का स्वागत करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर पर ध्वजारोहण किसी यज्ञ की पूर्णाहुति नहीं, बल्कि एक नए युग की शुरुआत है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि वे भारत को वैश्विक मंच पर नई ऊंचाई तक ले जा रहे हैं। सरसंघ चालक का भी रामभक्तों की ओर से अभिनंदन किया गया। यह क्षण पीढ़ियों की तपस्या का साकार रूप है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रभु श्रीराम का मंदिर 140 करोड़ भारतीयों के गौरव का प्रतीक है। संकल्प और विश्वास का नया सूर्योदय हुआ है। मंदिर पर लहराता केसरिया ध्वज शक्ति, न्याय और राष्ट्रधर्म का प्रतीक है। यह विकसित भारत की संकल्पना को दर्शाता है, क्योंकि संकल्प का कोई विकल्प नहीं होता। हम एक नए भारत का दर्शन कर रहे हैं।
Ram Mandir Dhwajarohan (11:53 AM): पीएम मोदी ने राम मंदिर के शिखर पर फहराया ध्वजा
पीएम मोदी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बटन दबाकर राम मंदिर के शिखर पर भगवा रंग धर्म पताका फहराया। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य गणमान्य इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनें।
Ram Mandir Dhwajarohan (11:49 AM): इस आर्किटेक्चरल स्टाइल में बने शिखर पर फहराया जाएगा झंडा
पीएम द्वारा जल्द ही श्री राम जन्मभूमि मंदिर के 'शिखर' पर औपचारिक रूप से भगवा झंडा फहराया जाएगा। झंडा पारंपरिक उत्तर भारतीय नागर आर्किटेक्चरल स्टाइल में बने शिखर पर फहराया जाएगा। बता दें कि मंदिर के चारों ओर बना 800 मीटर का रैमपार्ट यानी परकोटा, जो दक्षिण भारतीय आर्किटेक्चरल परंपरा में डिजाइन किया गया है, मंदिर की आर्किटेक्चरल विविधता को दिखाता है।
Ram Mandir Dhwajarohan (11:15 AM): राम मंदिर और मोहन भागवत ने गर्भगृह में पूजन किया
सप्त ऋषि मंदिर में महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, निषादराज गुह, महर्षि वाल्मीकि, देवी अहिल्या और माता शबरी के मंदिर और अन्नपूर्णा माता के दर्शन के बाद पीएम मोदी रामलला के गर्भगृह में पहुंच गए हैं। पीएम के साथ यहां मोहन भागवत भी मौजूद हैं। उन्होंने भी रामलला की पूजा की।
Ram Mandir Dhwajarohan (11:14 AM): अन्नपूर्णा मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे पीएम मोदी
सप्त ऋषि मंदिर में दर्शन के बाद पीएम अन्नपूर्णा देवी के मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे और पूजन किया।
Ram Mandir Dhwajarohan (10:42 AM): पीएम मोदी ने सप्तऋषियों के किए दर्शन
पीएम मोदी रोड शो के बाद रामजन्मभूमि परिसर पहुंचे। जहां उन्होंने सप्त ऋषियों के मंदिर में दर्शन और पूजन किए। सप्त ऋषि मंदिर में महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, निषादराज गुह, महर्षि वाल्मीकि, देवी अहिल्या और माता शबरी के मंदिर शामिल हैं।

पीएम ने सप्तऋषियों के मंदिर में पूजा की
Ram Mandir Dhwajarohan (10:15 AM): पीएम मोदी का 1 किलोमीटर लंबा रोड शो शुरू
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या पहुंच चुके हैं। उनका 1 किलोमीटर लंबा रोड शो शुरू हो गया है। जिसमें 12 जगह पर उनका स्वागत होगा। सात जगहों पर सांस्कृतिक मंच बनाए गए हैं। लोक कलाकार अपने गायन और नृत्य से पीएम का स्वागत करेंगे।
साकेत महाविद्यालय पहुंचे पीएम मोदी
अयोध्या में ध्वजारोहण कार्यक्रम के लिए पीएम नरेंद्र मोदी सुबह 9:30 बजे महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचे। फिर वहां से 12 किलोमीटर दूर स्थित साकेत महाविद्यालय हेलीकॉप्टर के माध्यम से पहुंचे हैं। बता दें कि यहां से राम मंदिर तक अब पीएम डेढ़ किलोमीटर के रोड में शामिल होंगे।
32 मिनट का 'अभिजीत मुहूर्त' में होगा ध्वजारोहण
ध्वजारोहण का यह संक्षिप्त अनुष्ठान लगभग चार से पांच मिनट का, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सम्पन्न होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बटन दबाकर ध्वज फहराएंगे। इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनने के लिए सात हजार वीआईपी अतिथि अयोध्या पहुंच रहे हैं। इनमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, विभिन्न धर्मगुरु, व्यापार जगत के प्रमुख लोग, और दलित, वंचित, किन्नर तथा अघोरी समुदाय के प्रतिनिधि शामिल हैं।
इस मौके को और भी दिव्य बनाने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एक भव्य मंगल-स्वस्ति गान प्रस्तुत कर रहा है। देशभर के प्रतिष्ठित कलाकार भजन प्रस्तुत करेंगे, श्री रामचरितमानस के चुनिंदा प्रसंगों का गायन करेंगे, और विभिन्न संत-परंपराओं के मंगलमय काव्यों का सामूहिक वाचन कर पूरे वातावरण को आध्यात्मिक आभा से आलोकित करेंगे।
अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
पीएम मोदी के ध्वजारोहण के लिए अयोध्या आगमन को ध्यान में रखते हुए यूपी पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। जानकारी के अनुसार, महाराजगंज जिले में भारत–नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। महाराजगंज के एसपी सोमेंद्र मीणा ने सभी सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया है कि किसी भी आतंकवादी या राष्ट्रविरोधी तत्वों की आवाजाही को रोकने के लिए सीमा पार करने वाले लोगों की पहचान सुनिश्चित की जाए। स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) सहित सभी सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। संवेदनशील इलाकों में पुलिस की टीम लगातार गश्त कर रही है।
बाहरी वाहनों की नो एंट्री
पीएम मोदी के अयोध्या आगमन और राम मंदिर के ध्वजारोहण कार्यक्रम को देखते हुए, 23 नवंबर की रात से लेकर 26 नवंबर की रात 8 बजे तक अयोध्या शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों, जिसमें बस्ती-अयोध्या फोरलेन, लखनऊ-बाराबंकी-अयोध्या हाईवे और सीतापुर-अयोध्या मार्ग जैसे कई राष्ट्रीय राजमार्गों शामिल है, पर भारी वाहनों जैसे ट्रक, बस, डीसीएम, ट्रैक्टर-ट्रॉली आदि का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। सुरक्षा और सुचारु व्यवस्था बनाए रखने के लिए, हल्के वाहनों (कार, जीप) के लिए भी आवश्यकतानुसार अस्थायी डायवर्जन लागू किया जा सकता है। हालांकि, आवश्यक सेवाओं, विशेषकर एंबुलेंस को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है।
महासचिव चंपत राय ने कहा 'भगवा रंग त्याग और समर्पण का प्रतीक'
श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने ‘ध्वजारोहण’ समारोह पर कहा, 'राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण होगा। 11:50 बजे ये ध्वजारोहण किया जाएगा। पीएम मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत मौजूद रहेंगे और उत्तर प्रदेश राज्यपाल और मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे। ध्वज कोविदार वृक्ष अंकित और सूर्य तथा 'ॐ' अंकित है। भगवा पताका है। ये रंग त्याग और समर्पण का प्रतीक है। 10 फीट ऊंचा और 20 फीट लंबा तिकोना समकोण त्रिभुज ऐसा एक ध्वज है। संपूर्ण संसार को ये दृश्य अपने-अपने टीवी पर देखने को मिलेगा।
आज विवाह पंचमी पर राम मंदिर का ध्वजारोहण
गोविंद देव गिरि महाराज ने ध्वजारोहण के मुहूर्त के बारे में कहा कि जब हमने इस महीने के शुभ मुहूर्तों की जाँच की, तो 25 नवंबर सबसे उत्तम लगा। उन्होंने कहा यह विवाह पंचमी यानी यह हमारे मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम और भगवती सीता के विवाह का पावन दिन है। देवताओं के लिए हवन, उनके मंत्रों का जप, ये सब इस अनुष्ठान का हिस्सा हैं।
देवालय की पहचान है ध्वज
तोताद्री मठ जगद्गुरु स्वामी अनंताचार्य ने कहा, 'यह दुनिया के लिए मिसाल है। ध्वजा यह जानकारी देता है कि यह एक मंदिर है, यह एक धार्मिक जगह है, यह दूर से ही जानकारी देता है। ध्वज सबसे ऊपर सिर ऊंचा रखता है, इसीलिए मंदिरों में या शुभ मौकों और अच्छे कामों पर ध्वज फहराया जाता है।' ध्वजारोहण के साथ मंदिर के पूरा होने पर स्वामी ने कहा कि 'परीपूर्णता ही सृष्टि का नियम है। अच्छी चीजें और भी अच्छी होंगी। यह सबसे अच्छे में सबसे अच्छा होगा। यह सबके लिए होगा। यह देश के हित में होगा। यह सबके हित में होगा। यही उद्देश्य है...'
