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अयोध्या जाने वालों के लिए बड़ी खबर! 2 दिन बंद रहेंगे ये रास्ते; घर से निकलने से पहले चेक करें रूट

Ayodhya Ram Mandir Dhwajarohan 2025 Traffic Diversion : अयोध्या में ध्वजारोहण और पीएम मोदी समेत वीवीआईपी मेहमानों की आगवानी के लिए बड़ा ट्रैफिक डायवर्जन किया गया है। प्रशासन ने शहर के प्रमुख मार्गों को पूर्णतया खाली रखने के लिए बड़े प्लान किए हैं। इसमें शहर के भीतर अनेक चौराहे एवं प्रवेश-मार्ग (जैसे नया घरसू–गूंजड़ टौर, हनुमानगढ़ी चौराहा, लक्ष्मणेश्वर चौक आदि) को अस्थाई रूप से बंद किया गया है।

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(सांकेतिक फोटो-Istock)

Ayodhya Ram Mandir Dhwajarohan 2025 Traffic Diversion : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंगलवार को अयोध्या में धर्म ध्वज स्थापना समारोह में शामिल होने से पहले उत्तर प्रदेश पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने महराजगंज जिले में भारत–नेपाल सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) सोमेंद्र मीणा ने बताया कि आतंकवादियों की संभावित आवाजाही रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि सीमा पार करने की अनुमति देने से पहले लोगों की पहचान सुनिश्चित की जाए। भारत–नेपाल सीमा पुलिस और स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) जैसी अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क रहने के आदेश जारी किए गए हैं। सभी सीमा चौकियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाई गई है ताकि राष्ट्र विरोधी तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा सके। इधर, पड़ोसी जिलों से आने-जाने वाले वाहनों को डायवर्ट किया गया है, ताकि अयोध्या शहर में भारी और बाहरी वाहनों को प्रवेश न मिल सके।

खुफिया जानकारी

खुफिया सूचनाओं के अनुसार कुछ राष्ट्र विरोधी तत्वों के सीमा पार करने की आशंका जताई गई है, जिसके मद्देनजर एसएसबी के जवान सोनौली भारत–नेपाल सीमा पर विशेष निगरानी बनाए हुए हैं। एसपी मीणा ने बताया कि हमें सूचना मिली है कि कुछ राष्ट्र विरोधी तत्व सरहद पार करने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए सभी इकाइयों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। खुफिया इकाइयों को सरहद के नजदीक स्थित धार्मिक स्थलों पर भी नजर रखने को कहा गया है। सिनेमा हॉल, होटल, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों जैसे सार्वजनिक स्थलों पर गश्त भी बढ़ा दी गई है। 25 नवंबर को ध्वजारोहण कार्यक्रम और वीवीआईपी मेहमानों की आगवानी में कोई समस्या न हो, इसके लिए ट्रैफिक डायवर्जन किया गया। जिला प्रशासन ने 26 नवंबर तक विस्तृत ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया है। इसके मुताबिक, भारी वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध और वैकल्पिक मार्गों का निर्धारण किया गया है, ताकि तीर्थयात्रियों और अतिथियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

एनबीटी की खबर के हवाले से कुछ प्रमुख मार्गों पर 23 नवंबर की रात से 26 नवंबर रात 8 बजे तक भारी वाहनों (ट्रक, बस, डीसीएम, ट्रैक्टर-ट्रॉली आदि) का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रखा गया है। इस दौरान हल्के वाहनों (कार, जीप) पर भी कार्यक्रम के दौरान आवश्यकतानुसार अस्थायी डायवर्जन लागू हो सकता है। हालांकि, आवश्यक सेवाओं जैसे एंबुलेंस को इससे छूट दी गई है। यह प्रतिबंध बस्ती-अयोध्या फोरलेन, लखनऊ-बाराबंकी-अयोध्या हाईवे, सीतापुर-अयोध्या मार्ग सहित कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर लागू होगा।

जानकारी के मुताबिक, बस्ती‑अयोध्या फोरलेन पर भारी वाहनों का प्रवेश रोक दिया गया है। यह व्यवस्था 26 नवंबर की रात 8 बजे तक या कार्यक्रम समाप्त होने तक लागू रहेगी। वहीं, सीतापुर-अयोध्या मार्ग से सीधे अयोध्या जाने वाले वाहनों पर रोक लगाई गई है और यह व्यवस्था 26 नवंबर सुबह 6 बजे तक लागू रहेगी। वहीं, बाराबंकी सीमा क्षेत्र से अयोध्या की ओर जाने वाले चार-पहिया तथा भारी वाहनों को डायवर्ट किया गया है। इसके लिए होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं।

अयोध्या के अंदर कैसी रहेगी ट्रैफिक व्यवस्था

प्रशासन ने शहर के प्रमुख मार्गों को पूर्णतया खाली रखने के लिए बड़े प्लान किए हैं। इसमें शहर के भीतर अनेक चौराहे एवं प्रवेश-मार्ग (जैसे नया घरसू–गूंजड़ टौर, हनुमानगढ़ी चौराहा, लक्ष्मणेश्वर चौक आदि) को अस्थाई रूप से बंद किया गया है।

इन वैकल्पिक मार्गों से जा सकेंगे आगे

गोरखपुर-लखनऊ से अयोध्या आने वाले भारी वाहनों को बाराबंकी–पूर्वांचल एक्सप्रेसवे मार्ग से डायवर्ट किया गया है। गोंडा, बहराइच से आने वाले वाहनों को मनकापुर व अन्य बाहरी मार्गों के जरिये भेजा जाएगा। लिहाजा, अगर 25 से 26 नवंबर को इन संबंधित रूटों से जाने का प्लान है तो सोच समझकर जाएं वरना दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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