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अगर लड़ा राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपियों का केस तो लग जाएगा 5 लाख का जुर्माना- अयोध्या बार एसोसिएशन का बड़ा ऐलान

Ram Mandir Donation Row: अयोध्या बार एसोसिएशन (Ayodhya Bar Association) ने फैसला किया है कि राम मंदिरा चंदा चोरी के आरोपियों का केस कोई भी वकील नहीं लड़ेगा। इस मामले में आठ लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

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राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपियों का केस नहीं लड़ेगा अयोध्या का कोई वकील

Ram Mandir Donation Row: राम मंदिर चंदा चोरी केस में अयोध्या बार एसोसिएशन (Ayodhya Bar Association) ने बड़ा ऐलान किया है। अयोध्या बार एसोसिएशन ने ऐलान किया है कि अयोध्या का कोई भी वकील, उन आरोपियों का केस नहीं लड़ेगा, जिन पर चंदा चोरी का आरोप है। बार एसोसिएशन ने मांग की है कि जांच निष्पक्ष तरीके से हो और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, ऐसा न हो कि छोटे व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई हो और बड़े लोगों को छोड़ दिया जाए।

लगेगा पांच लाख का जुर्माना

आज राम मंदिर चंदा चोरी के मामले को लेकर अयोध्या बार एसोसिएशन की मीटिंग हुई, जहां आरोपियों का केस न लड़ने का फैसला किया गया। इतना ही नहीं एसोसिएशन ने यह भी तय किया है कि अगर कोई वकील इसका उल्लंघन करता है तो उसपर पांच लाख का जुर्माना लगाया जाएगा। अयोध्या बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा, "इस मामले में कोई भी वकील आरोपी का पक्ष नहीं रखेगा और अगर कोई ऐसा करता है, तो उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।"

चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को चेतावनी

बार एसोसिएशन की बैठक में वकीलों ने जोरदार मांग की कि मंदिर प्रबंधन से जुड़े रहे चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को अयोध्या छोड़ देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ये तीनों तीन दिन के भीतर शहर से बाहर नहीं गए, तो पूरे अयोध्या शहर की घेराबंदी कर दी जाएगी और किसी को भी अंदर आने की इजाज़त नहीं दी जाएगी।

पहले भी ले चुके हैं बड़ा फैसला

अयोध्या के वकीलों ने राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन के मामले में गिरफ़्तार आरोपियों का मुकदमा न लड़ने के अपने एक ऐतिहासिक फैसले को दोहराया। फैजाबाद बार एसोसिएशन ने 2005 में भी ऐसा ही फ़ैसला लिया था, जब राम जन्मभूमि परिसर पर आतंकवादी हमले के आरोपियों को फैज़ाबाद अदालत में पेश किया गया था।

Manish Yadav
मनीष यादवauthor

साल 2011 था जब इंद्रप्रस्थ से पत्रकारिता के सफर की सीढ़ियां चढ़ना शुरू किया । कुछ साल जयपुर रहा और अब ठिकाना अवध है। माइक पकड़ कर कोशिश करता हूं कि आम की आवाज खास के कानो तक पहुंचा पाऊं उम्मीद रहती है इससे हल निकलेगा ।

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