Ayodhya News: अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले यातायात व्यवस्था की शक्ल बदली नजर आने लगेगी। शहर की सड़कों पर मनमाने तरीके से फर्राटा भर रहे ई-रिक्शा अब मुख्य मार्गों पर नजर नहीं आएंगे, बल्कि संचालन के लिए रूट निर्धारित किया जाएगा। जिसके लिए यातायात पुलिस ने कवायद शुरू कर दी है और ई-रिक्शा पर कोडिंग का काम शुरू कर दिया है। इसके अलावा चालकों के अभिलेख भी जुटाए जा रहे हैं। जिन्हें मोबाइल के व्हाट्सएप ग्रुप पर जोड़ा जाएगा। सभी चालक प्रतिदिन ट्रैफिक प्लान की गतिविधियों से रूबरू होंगे और यातायात पुलिस के इशारे पर ही शहर में मार्गों पर मूवमेंट करेंगे।
जिले में लगभग 8200 ई- रिक्शा पंजीकृत हैं। इसमें से ज्यादातर ई- रिक्शा शहर के विभिन्न मार्गों पर मनमानी तरीके से फर्राटा भर रहे हैं। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से रामनगरी में श्रद्वालुओं की भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है। जिसके मद्देनजर श्रद्वालुओं को अयोध्या धाम व नगर में सुरक्षित व बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ट्रैफिक पुलिस होमवर्क में जुट गई है।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना
पुलिस ई-रिक्शा चालकों का आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस व मोबाइल नंबर कलेक्ट कर रही है। ई- रिक्शा कोडिंग का कार्य पूरा करने के बाद यातायात पुलिस रूट निर्धारित करेगी। शासन की मंशा के अनुरूप ई-रिक्शा का संचालन मुख्य मार्गों पर नहीं होगा, बल्कि इन्हें लिंक मार्गों पर संचालन के लिए रूट एलॉट किए जाएंगे।
वहीं मंदिर का उद्घाटन होने के बाद अयोध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसे देखते हुए योगी सरकार अयोध्या में ट्रैफिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत करने में जुटी हुई है। इसी क्रम में जिला कचहरी के बाहर मुख्य मार्ग पर अधिवक्ताओं व वादकारियों के वाहनों से लगने वाले जाम से अब नगरवासियों को निजात मिलने वाली है। अयोध्या में कचहरी के बाहर मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। मल्टी लेवल पार्किंग के बन जाने से अधिवक्ताओं और वादकारियों को अपने वाहन खड़ा करने के लिए सड़कों पर स्थान ढूंढने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
