Assam Flood News: असम में बाढ़ की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान 4 और लोगों की जान चली गई। इसके साथ ही इस साल बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या 66 तक पहुंच गई है। असम के 10 जिलों में 6.54 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
असम की बाढ़ में सबसे प्रभावित जिले
बाढ़ का सबसे ज्यादा कहर शिवसागर जिले में देखने को मिल रहा है, जहां 2.90 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। इसके बाद चराईदेव (1.88 लाख) और जोरहाट (1.31 लाख) जिले का नंबर आता है। हाल ही में हुई 4 मौतों में से 3 मामले शिवसागर और 1 मामला चराईदेव जिले से सामने आया है। 28 राजस्व सर्किलों के लगभग 810 गांव बाढ़ की चपेट में आने से पूरी तरह जलमग्न हैं। लगभग 34,970 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूबने से किसानों को बड़ा झटका लगा है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) के अनुसार, शिवसागर में दिखौ नदी और नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी उफान पर है और खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
राहत और बचाव कार्य लगातार जारी
प्रशासन ने प्रभावित लोगों की मदद के लिए 274 राहत केंद्र बना हैं, जिनमें 90 राहत शिविर और 184 वितरण केंद्र शामिल हैं। इनमें लगभग 18,902 लोगों ने शरण ली हुई है, जिनमें 2,157 बच्चे और 187 गर्भवती या धात्री महिलाएं शामिल हैं। बाढ़ की वजह से 143 सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं और 10 बांध प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा, 4.5 लाख से ज्यादा पशु प्रभावित हुए हैं और 3,000 से ज्यादा मवेशी पानी के तेज बहाव में आने के कारण बह गए हैं। NDRF, SDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। रेस्क्यू टीम बाढ़ में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और खाद्य सामग्री बांटने में जुटी हैं।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने लिया स्थिति का जायजा
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शिवसागर में बाढ़ राहत शिविरों का दौरा किया और जमीनी हालात का जायजा लिया। उन्होंने स्थिति को 'अत्यंत गंभीर' बताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर प्रभावित लोगों को हर संभव मदद पहुंचा रही हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना जताई है।
