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BRICS : कनॉट प्लेस खुला रहेगा, तीन दिन बंद रहेगा दिल्ली मेट्रो म्यूजियम

दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान कनॉट प्लेस बाजार खुला रहेगा, लेकिन यातायात पाबंदियों से शहर के कुछ हिस्सों में आवाजाही पर असर पड़ने की उम्मीद है।

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भारत की मेजबानी में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन

दिल्ली : भारत की मेजबानी में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित हो रहा है। इसको सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। हालांकि, कुछ पाबंदिया भी लगाई हैं। इस बीच नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन’ (NTA) ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान कनॉट प्लेस बाजार खुला रहेगा, लेकिन यातायात पाबंदियों से शहर के कुछ हिस्सों में आवाजाही पर असर पड़ने की उम्मीद है। एनडीटीए के संयुक्त सचिव अमित गुप्ता ने कहा कि बाजार बंद नहीं किया गया है और दिल्ली के लोग बाजार के नियमित समय के दौरान कनॉट प्लेस में खरीददारी और खाने-पीने का मजा ले सकते हैं।

11 ब्रिक्स सदस्य देश ले रहे भाग

उन्होंने कहा कि दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान कनॉट प्लेस बाजार शुक्रवार से रविवार तक खुला रहेगा। हालांकि, यातायात पाबंदियों को देखते हुए ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार तक पहुंचने के लिए यातायात परामर्श का पालन करें। यह स्पष्टीकरण ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले आया है। इस सम्मेलन में भारत, 11 ब्रिक्स सदस्य देशों और 10 साझेदार देशों के नेताओं के साथ-साथ अन्य आमंत्रित प्रतिनिधिमंडलों की मेज़बानी करेगा।

दिल्ली मेट्रो रेल निगम ने ’एक्स’ पर पोस्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर दिल्ली मेट्रो संग्रहालय 11 से 13 सितंबर तक बंद रहेगा। उसने कहा कि यह संग्रहालय 15 सितंबर को खुलेगा क्योंकि 14 सितंबर उसका साप्ताहिक अवकाश है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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