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गगनयान मिशन को लेकर एक कदम आगे बढ़ा इसरो, LVM3-M7 के क्रायोजेनिक इंजन का सफल परीक्षण

LVM3-M7 Mission: इसरो ने LVM3 लॉन्च व्हीकल के सातवें ऑपरेशनल मिशन LVM3-M7 के लिए तैयार किए गए क्रायोजेनिक इंजन का सफल परीक्षण किया है।

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इसरो ने LVM3-M7 के क्रायोजेनिक इंजन का किया सफल परीक्षण (फोटो साभार: @ISRO)

LVM3-M7 Mission: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने LVM3 लॉन्च व्हीकल के सातवें ऑपरेशनल मिशन LVM3-M7 के लिए तैयार किए गए क्रायोजेनिक इंजन का सफल परीक्षण किया है। यह मिशन 2026 की चौथी तिमाही में लॉन्च किया जाना है।

इसरो ने यह परीक्षण बुधवार को तमिलनाडु के महेंद्रगिरी स्थित इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स (IPRC) की मेन इंजन एंड स्टेज टेस्ट फैसिलिटी (MET) में किया गया। परीक्षण के दौरान इंजन के प्रदर्शन के साथ-साथ LOX टैंक प्रेशराइजेशन मॉड्यूल (LTPM) की क्षमता भी जांची गई। यह मॉड्यूल LVM3 के अपग्रेडेड क्रायोजेनिक अपर स्टेज C32 के लिए विकसित किया गया है, जिसका इस्तेमाल भारत के गगनयान मिशन में किया जाना है।

गगनयान प्रोजेक्ट का मकसद 3 दिन के मिशन के लिए 400 किलोमीटर की ऑर्बिट में 3-मेंबर क्रू को ले जाना और सफलतापूर्वक समुद्र में लैंडिंग करवाकर भारत की ह्यूमन स्पेसफ्लाइट क्षमता को प्रदर्शित करना है।

इसरो का सबसे भारी लॉन्च व्हीकल

LVM3, जिसे पहले GSLV MkIII के नाम से जाना जाता था, यह इसरो का सबसे भारी लॉन्च व्हीकल है। इसके अपर स्टेज को पावर देने के लिए CE20 क्रायोजेनिक इंजन का इस्तेमाल किया जाता है।

इसरो के मुताबिक, हर मिशन के क्रायोजेनिक इंजन का का फ्लाइट एक्सेप्टेंस हॉट टेस्ट किया गया। बकौल इसरो, CE20 इंजन का नोजल ऊंचाई वाले वातावरण में काम करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसके बावजूद समुद्र तल की परिस्थितियों में इंजन का हॉट टेस्ट करने के लिए नोजल प्रोटेक्शन सिस्टम (NPS) विकसित किया गया है।

    22 टन के थ्रस्ट पर हुआ परीक्षण

    इसरो के मुताबिक, भविष्य के LVM3 मिशनों में C32 स्टेज को 22 टन के बढ़े हुए थ्रस्ट लेवल पर संचालित करने की योजना है। इससे रॉकेट की पेलोड क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसी 22 टन के थ्रस्ट लेवल पर क्रायोजेनिक इंजन का फ्लाइट एक्सेप्टेंस हॉट टेस्ट किया गया।

    Anurag Gupta
    अनुराग गुप्ताauthor

    अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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