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Assam: असम में घट रहा बाढ़ का पानी, बढ़ी ग्रामीणों की समस्या; साढ़े तीन लाख लोग प्रभावित

असम में बृहस्पतिवार को बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ और राज्य के कई हिस्सों में जलस्तर घटने लगा। लेकिन लोगों की परेशानियां अभी भी कम नहीं हुई हैं। अभी करीब 11 जिलों में साढ़े तीन लाख से अधिक लोग अब भी इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हैं-

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असम में बाढ़ से साढ़े तीन लाख लोग प्रभावित

Photo : Twitter

Assam: असम इन दिनों भारी बारिश ने कहर मचा रखा है। बृहस्पतिवार को बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ और राज्य के कई हिस्सों में जलस्तर घटने लगा। हालांकि 11 जिलों में साढ़े तीन लाख से अधिक लोग अब भी इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हैं। एक आधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई। इसमें कहा गया है कि ब्रह्मपुत्र नदी सहित प्रमुख नदियां अलग-अलग जगहों पर खतरे के स्तर से ऊपर बह रही हैं। राज्य में बाढ़ के पानी में 16,673 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई है, जबकि 1,63,800 से अधिक पालतू पशु और मुर्गियां प्रभावित हुई हैं। ब्रह्मपुत्र नदी धुबरी में, दिसांग नदी नांगलमुराघाट में और रुकनी नदी धोलाई में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

12 जिलों में 4.04 लाख लोग प्रभावित

वहीं कछार, धेमाजी, धुबरी, डिब्रूगढ़, ग्वालपाड़ा, गोलाघाट, कामरूप मेट्रोपोलिटन, करीमगंज, नगांव, नलबाड़ी और शिवसागर जिलों में कुल 3,55,400 लोग बाढ़ से बेहाल हैं। धुबरी में सबसे अधिक लगभग 80 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इसके बाद बाढ़ प्रभावित 77500 लोगों के साथ नागांव और 72 हजार लोगों के साथ कछार का स्थान है। मंगलवार को 12 जिलों में कुल 4.04 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित थे।

बिजली और तूफान से 113 लोगों की मौत

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने बुलेटिन में कहा कि इस वर्ष राज्य में बाढ़, बिजली और तूफान से 113 लोगों की मौत हुई है। कुल 66 राहत शिविरों में करीब 13 हजार लोग शरण लिए हुए हैं। अन्य 19 राहत वितरण केंद्रों से 11 हजार लोगों को राहत प्रदान की जा रही है।

खतरे के निशान पर नदियां

राज्य में बाढ़ के पानी में 16,673 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई है, जबकि 1,63,800 से अधिक पालतू पशु और मुर्गियां प्रभावित हुई हैं। ब्रह्मपुत्र नदी धुबरी में, दिसांग नदी नांगलमुराघाट में और रुकनी नदी धोलाई में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बुलेटिन में कहा गया है कि विभिन्न जिलों में तटबंध, घर, सड़कें, पुल, मकान और अन्य बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुंचने की खबर है।

इनपुट- भाषा

Maahi Yashodhar
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माही यशोधर Timesnowhindi.com में न्यूज डेस्क पर काम करती हैं। यहां वह फीचर, इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स न्यूज कवर करती हैं। इसके अलावा वह डेवलपमेंट की खबरों पर भी नजर रखती हैं। वह सड़क, रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा क्राइम और पर्यावरण से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं। राजनीति में खास रुचि होने के कारण वह राजनेताओं और राजनीति से जुड़ी खबरें ब्रेक करते हैं। इससे पहले माही ने देश के नामी मीडिया संस्थानों एनडी टीवी और न्यूज18 में काम किया है। माही यशोधर ने पत्रकारिता में डिग्री ली है। उन्होंने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत देश के नामी संस्थान टाइम्स से की थी, जहां उन्होंने एंटरटेनमेंट डेस्क पर रहते हुए खबरों को धार दी। इसके बाद वह डिजिटल पत्रकारिता में आगे बढ़ती रहीं। पूर्व में माही यशोधर ने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, एजुकेशन, एस्ट्रो, वायरल और लाइफस्टाइल की खबरों पर काम किया है। माही हर छोटी-बड़ी खबर को जल्द से जल्द अपने पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। माही अपने पाठकों की नब्ज अच्छे से समझती हैं। उन्हें खबरों की अच्छी समझ है और उनकी भाषा ऐसी है कि कम शब्दों में भी पाठक को पूरी खबर समझा देती हैं।

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