तेजी से हो रहा एक्सप्रेसवे का काम
इस एक्सप्रेसवे पर अस्थायी रूप से हनुमानगढ़ के सांगरिया से जालोर के सांगाणा तक वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया गया है। इतना ही नहीं, इस रूट पर हनुमानगढ़ से जालोर के सांगाणा तक रेस्ट एरिया व सर्विस एरिया का काम भी चल रहा है। वहीं, बाकी हिस्से का भी काम लगभग पूरा कर लिया गया है। हालांकि, कुछ जगहों पर ओवरब्रिज और अंडरब्रिज चल रहा है, जो अपने अंतिम चरण में हैं। साथ ही बीकानेर से जालोर तक कुछ रेस्ट एरिया में ट्रक चालकों के लिए रेस्टोरेंट भी चलाए जा रहे हैं।
अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे के बारे में
- एक्सप्रेसवे की लंबाई 1257 किलोमीटर है।
- इस एक्सप्रेसवे का करीब 637 किमी हिस्सा राजस्थान से होकर गुजरेगा।
- इस एक्सप्रेसवे पर 100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से वाहन दौड़ाए जा सकेंगे।
अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे के अहम बिंदु
- प्रत्येक 500 मीटर पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं।
- प्रत्येक 50 किमी पर एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ सुविधायुक्त रेस्ट एरिया भी बने हैं।
- यह एक्सप्रेसवे बालोतरा में रोड़वा कल्ला से लेकर धूड़िया मोतीसिंह गांव तक करीब 140 किमी गुजरेगा।
अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे की खासियत
- एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ दीवार बनाई गई है, ताकि मवेशियों का प्रवेश ना हो सके।
- एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ दीवार बनने से खेतों का पानी भी सड़क पर नहीं आ पाएगा। इससे सड़कें भी खराब नहीं होगी।
- एक्सप्रेसवे बनाने में जीओ सेल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसमें उच्च घनत्व पॉलिथीन, पॉलिएस्टर व पॉलिमरिक सामग्री से तैयार काले रंग की जाली को बिछाया जाता है।
तीन रिफाइनरी को जोड़ रहा यह एक्सप्रेसवे
- भटिंडा का गुरु नानकदेव धर्मल प्लांट और श्रीगंगानगर स्थित सूरतगढ़ सुपर धर्मल पॉवर प्लांट इसी एक्सप्रेसवे पर है, जिनमें सीधा जुड़ाव रखा गया है।
- इस एक्सप्रेसवे से पंजाब की भटिंडा रिफाइनरी, राजस्थान की पचपदरा रिफाइनरी और जामनगर की रिफाइनरी का आपस में सीधा संपर्क हो जाएगा।
