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कितना किमी. लंबा है Dwarka Expressway, कहां पर स्टार्ट और एंड प्वाइंट? जानिए इसकी हर डिटेल्स

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Mar 14, 2024, 03:08 PM IST

द्वारका एक्सप्रेसवे हरियाणा और दिल्ली को जोड़ने वाली एक अहम सड़क परियोजना है। इस एक्सप्रेस-वे का आज उद्घाटन हो रहा है, जानिए इससे जुड़ी सभी बातें।

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द्वारका एक्सप्रेस-वे आज से शुरू

Photo : PTI

Dwarka Express Way Opening Today: देश को आज द्वारका एक्सप्रेसवे की सौगात मिलने जा रही है। पीएम मोदी गुड़गांव में एक्सप्रेस-वे के 18.7 किमी लंबे हिस्से का आज उद्घाटन करेंगे। गुड़गांव में एक्सप्रेसवे का निर्माण पिछले साल पूरा हो गया था, लेकिन इसे यातायात के लिए नहीं खोला गया था क्योंकि एनएचएआई का सुरक्षा ऑडिट लंबित था। दिल्ली में एक्सप्रेसवे के बाकी 10 किमी हिस्से को पूरा होने में पांच से छह महीने लगने की संभावना है।

पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

कितना लंबा और कहां से शुरू, कहां खत्म?

द्वारका एक्सप्रेसवे हरियाणा और दिल्ली को जोड़ने वाली एक अहम सड़क परियोजना है। इसका 18.9 किलोमीटर लंबा खंड हरियाणा (गुड़गांव) के अंतर्गत और बाकी 10.1 किलोमीटर दिल्ली में आता है। यह एक्सप्रेसवे नेशनल हाईवे-8 पर शिव-मूर्ति से शुरू होता है और खेड़की दौला टोल प्लाजा के पास खत्म होता है। इसके हरियाणा वाला हिस्सा तैयार है और मार्च तक इसका उद्घाटन हो सकता है। निर्माण पूरा होने के बाद दिल्ली-गुरुग्राम के बीच की दूरी सिर्फ 25-30 मिनट में पूरी हो जाएगी जिसमें अभी एक घंटे से ज्यादा का समय लगता है।

कितनी लागत

प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि आठ लेन वाले द्वारका एक्सप्रेसवे के 19 किलोमीटर लंबे हरियाणा खंड को लगभग 4,100 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। पीएम मोदी आज इसी खंड का उद्घाटन करेंगे। द्वारका एक्सप्रेसवे पर देश का सबसे चौड़ा टोल प्लाजा तैयार किया गया है। 16 लेन के इस एक्सप्रेसवे पर 34 टोल गेट बनाए गए हैं। इसको इस तरह डिजाइन किया गया है कि यहां से गुजरने वाले ट्रैफिक में किसी तरह का व्यवधान न आए।

Dwarka Expressway Detail Information:
कुल लंबाई 18.7 किमी.
कुल लागत 4100 करोड़ रुपये
दिल्ली-गुरुग्राम के बीच कितना समय लगेगा 25-30 मिनट
लेन 16
टोल गेट 34
Dwarka express

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द्वारका एक्सप्रेस-वे के बारे में जानिए 5 बड़ी बातें(Benefit of Dwarka Expressway)

  • एक्सप्रेस-वे द्वारका से मानेसर के बीच यात्रा के समय को 15 मिनट तक कम कर देगा। इसके शुरू होने के बाद मानेसर और इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के बीच की दूरी 20 मिनट में तय की जा सकती है, जबकि मानेसर और सिंघू सीमा के बीच यात्रा का समय घटकर केवल 45 मिनट रह जाएगा।
  • द्वारका एक्सप्रेसवे को दो लाख टन स्टील का उपयोग करके बनाया गया है जो पेरिस में एफिल टॉवर को बनाने में लगे स्टील से 30 गुना अधिक है। स्टील के अलावा लगभग 20 लाख क्यूबिक मीटर सीमेंट कंक्रीट इस परियोजना के निर्माण में इस्तेमाल किया गया है। यह दुबई के बुर्ज खलीफा के निर्माण में इस्तेमाल किए गए से छह गुना अधिक है।
  • द्वारका एक्सप्रेस-वे दिल्ली के महिपालपुर में शिव मूर्ति पर NH 48 (पुराना NH 8) के 20 किलोमीटर के निशान पर शुरू होता है, और गुरुग्राम में खेड़की दौला टोल प्लाजा के पास 40 किलोमीटर के निशान पर खत्म होता है। दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर यातायात को कम करने के लिए इसे दिल्ली और गुरुग्राम के बीच लिंक रोड के तौर पर तैयार किया गया है।
  • शुरू होने के बाद यह भारत का पहला आठ-लेन एलिवेटेड एक्सप्रेसवे होगा। यहां फोर-पैक मोटरवे की कुल लंबाई 563 किलोमीटर है।
  • द्वारका एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान कम से कम 1,200 पेड़ों को फिर से प्रत्यारोपित किया गया है, जो भारत में पहली बार हुआ है। इसके अलावा देश की पहली 8-लेन 3.6 किमी लंबी शहरी सुरंग भी द्वारका एक्सप्रेसवे का हिस्सा है।

नितिन गडकरी ने दिखाई थी द्वारका एक्सप्रेस-वे झलक

पिछले साल केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने द्वारका एक्सप्रेसवे की झलक दिखाने वाला एक वीडियो साझा किया था। इसे इंजीनियरिंग का चमत्कार बताते हुए गडकरी ने कहा था कि यह परियोजना अगले कुछ महीनों में जनता के लिए खोल दी जाएगी। परिवहन मंत्री ने यह भी कहा कि द्वारका एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वाले लोगों को यह अनुभव 100 साल तक याद रहेगा।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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