नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में हुई धांधली के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और सांसद डिंपल यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। अखिलेश ने इसे देश के युवाओं और छात्रों के ऐतिहासिक संघर्ष की बड़ी जीत करार दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की पहली और प्रमुख मांग शिक्षा मंत्री का इस्तीफा ही थी, जिसके आगे अंततः सत्ताधारी दल को झुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि जो, पीएम रात 8 बजे आकर भाषण देते थे, उन्हें भी रात को 12 बजे वीडियो बनाने पड़ गए। डिंपल ने कहा यह जीत आपकी है। हम आपके साहस, दृढ़ संकल्प और लगन को सलाम करते हैं, जिसकी वजह से शिक्षा मंत्री को इस्तीफ़ा देना पड़ा। साथ ही, मुझे इस बात का गहरा अफ़सोस है कि आपको इतनी तकलीफ़, मारपीट, सदमे और अपमान का सामना करना पड़ा।
सपा प्रमुख ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह स्थिति नौबत तक पहुंचती ही नहीं, यदि सरकार ने समय रहते छात्रों से संवाद कर उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुना होता। उन्होंने जोर दिया कि अब सरकार को केवल इस्तीफा लेने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पेपर लीक के कुचक्र को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए ठोस और पारदर्शी कदम उठाने होंगे।
अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को सीधे तौर पर रोजगार और आरक्षण से जोड़ते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केवल नीट ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में अब तक 20 से अधिक पेपर लीक हो चुके हैं। सरकार ने जानबूझकर ऐसा किया है ताकि युवाओं को नौकरी न देनी पड़े और आरक्षण की संवैधानिक व्यवस्था से बचा जा सके।
इतना ही नहीं, अखिलेश ने उन परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की जिन्होंने इस पूरे घटनाक्रम और भविष्य की निराशा में अपने बच्चों को खो दिया। उन्होंने मांग की कि सरकार उन पीड़ित परिवारों की हर संभव आर्थिक और कानूनी मदद करे। अंत में उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि सरकार को अपनी दंभपूर्ण नीति छोड़कर युवाओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करना चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र में जनभावनाओं की अनदेखी किसी भी सत्ता के लिए घातक होती है।
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि यह जीत आपकी है। हम आपके साहस, दृढ़ संकल्प और लगन को सलाम करते हैं, जिसकी वजह से शिक्षा मंत्री को इस्तीफ़ा देना पड़ा। साथ ही, मुझे इस बात का गहरा अफ़सोस है कि आपको इतनी तकलीफ़, मारपीट, सदमे और अपमान का सामना करना पड़ा।
देश को बदलाव की ज़रूरत है। ऐसा बदलाव, जिससे सिस्टम में जान-बूझकर फैलाए गए भ्रष्टाचार को खत्म किया जा सके। ताकि देश तरक्की कर सके और हमारे देश के युवाओं की उम्मीदें और सपने पूरे हो सकें।
