ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने JNU में गुरुवार को हुए प्रोटेस्ट में गिरफ्तार 14 छात्रों के समर्थन में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। संगठन ने 28 फरवरी को पूरे भारत में “ऑल इंडिया प्रोटेस्ट डे” मनाने का ऐलान किया है। वहीं जेएनयू छात्रसंघ (JNUSU) ने शुक्रवार को गिरफ्तार छात्रों के विरोध में पूरे विश्वविद्यालय में पूर्ण हड़ताल का आह्वान किया है। इन छात्रों को शिक्षा मंत्रालय तक निकाले गए ‘लॉन्ग मार्च’ के दौरान हिरासत में लिया गया था। जिनमें जेएनयू छात्रसंघ के तीन पदाधिकारी भी शामिल हैं। सभी गिरफ्तार छात्रों को कोर्ट में पेश किया गया है, जहां दिल्ली पुलिस ने न्यायिक हिरासत की मांग की है।
छात्रों पर हिंसक कार्रवाई का आरोप
AISA के अनुसार, 26 फरवरी को जेएनयू छात्रसंघ (JNUSU) ने विश्वविद्यालय की वीसी द्वारा की गई कथित जातिवादी टिप्पणी, यूनिवर्सिटी फंड में कटौती, छात्रसंघ के पदाधिकारियों को निकालने, UGC इक्विटी रेगुलेशंस और रोहित एक्ट को लागू करने की मांग को लेकर शिक्षा मंत्रालय तक 'लॉन्ग मार्च' का आह्वान किया था। आरोप है कि सैकड़ों छात्रों की लोकतांत्रिक सभा के बावजूद, दिल्ली पुलिस ने यूनिवर्सिटी के वीसी के साथ मिलकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हिंसक कार्रवाई की, जिसमें दर्जनों छात्र बुरी तरह से घायल हो गए।
छात्रों के खिलाफ इन धाराओं में केस दर्ज
AISA के अनुसार पुलिस की कार्रवाई के दौरान छात्रों के शरीर पर चोटों के निशान थे और कई छात्र खून से लथपथ भी थे। JNUSU प्रेसिडेंट अदिति, सेक्रेटरी गोपिका, संयुक्त सचिव दानिश और AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा सहित करीब 50 से अधिक छात्रों को पुलिस स्टेशन में 14 घंटे से अधिक समय तक रोके रखा गया। बाद में इनमें से 14 छात्रों को गिरफ्तार कर लिया गया। जिनके खिलाफ BNS की धारा 212, 121(1), 132 और 3(5) में FIR दर्ज की गई।
AISA ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए कहा है कि यह सामाजिक न्याय, समान शिक्षा और लोकतंत्र की मांग करने वाले स्डूडेंट्स की आवाज को दबाने का प्रयास है। संगठन ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस की कार्रवाई VC और बीजेपी सरकारों की 'मनुवादी सोच' को दर्शाती है। AISA ने देशभर के तमाम छात्र संगठनों से इस संबंध में बातचीत शुरू कर दी है और सभी लोकतंत्र पसंद लोगों से इस आंदोलन में एकजुट होने की अपील की है। साथ ही सामाजिक न्याय और सार्वजनिक शिक्षा की सुरक्षा के इस संघर्ष में JNU के छात्रों के साथ खड़े होने को कहा है।
AISA ने कहा है कि "हम सभी स्टूडेंट्स से अपील करते हैं कि JNUSU के साथ एकजुटता दिखाते हुए 28 फरवरी को ऑल इंडिया प्रोटेस्ट डे मनाएं!" संगठन की प्रमुख मांगों में रोहित एक्ट और इक्विटी रेगुलेशंस को लागू करना, नई शिक्षा नीति 2020 को वापस लेना, सार्वजनिक शिक्षा में फंड कटौती रोकना, जेएनयू वीसी से माफी और इस्तीफा शामिल हैं।
