केंद्र सरकार द्वारा घरेलू उड़ानों के किराए पर लगी सीमा हटाने के फैसले पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने इस कदम को मिडिल क्लास के लिए नुकसानदायक बताते हुए चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इससे हवाई यात्रा महंगी हो सकती है जिससे मिडिल क्लास के लिए हवाई सफर मुश्किल हो जाएगा। केजरीवाल ने सरकार से किराए को नियंत्रित रखने की मांग की।
महंगा हो सकता है हवाई सफर - केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 23 मार्च से लागू हो रहे इस फैसले के बाद हवाई यात्रा महंगी हो सकती है। उन्होंने कहा कि हवाई यात्रा का किराया मिडिल क्लास की पहुंच से बाहर होता जा रहा है। केंद्र सरकार हवाई किराए पर लगी सीमा को हटा रही है। इस फैसले से टिकटों की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है। केजरीवाल का मानना है कि किराए पर तय सीमा हटाए जाने से एयरलाइंस अपनी मनमर्जी से टिकट के दाम बढ़ा सकती हैं।
हवाई सेवा अब सुविधा नहीं जरूरत - केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि हवाई यात्रा अब केवल अमीरों की सुविधा नहीं है, बल्कि आम लोगों की जरूरत बन चुकी है। ऐसे में सरकार को इसका किराया पूरी तरह बाजार के भरोसे नहीं छोड़ना चाहिए, बल्कि इसे अधिक प्रभावी ढंग से कंट्रोल करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
क्यों हटाई जा रहा उड़ानों के किराए पर लगी सीमा
गौरतलब है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने घरेलू उड़ानों के किराये पर लगी अस्थायी सीमा (Fare Cap) को 23 मार्च 2026 से हटाने का फैसला किया है। जिसे इंडिगो संकट के बाद एयरलाइंस संचालन और विमानों की उपलब्धता की समीक्षा के आधार पर लिया गया है। इस फैसले के बाद अब सवाल उठ रहा है कि क्या घरेलू फ्लाइट्स के किराए फिर से बढ़ेंगे। दरअसल, 6 दिसंबर को इंडिगो एयरलाइंस में आए संकट के कारण कई उड़ानें प्रभावित हुई थीं। इससे विमानों की कमी हो गई थी और टिकटों के दाम भी अचानक बहुत बढ़ गए थे। इसी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने किराए पर ऊपरी सीमा तय की थी। अब हालात सामान्य होने के बाद सरकार ने इस पाबंदी को हटाने का फैसला लिया है।
