गुरुग्राम: हरियाणा सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के अंतर्गत आने वाले जिलों के उपायुक्त से कहा है कि लगातार बढ़ रहे उच्च वायु प्रदूषण को लेकर अपने-अपने जिलों की स्थिति का आकलन करें और स्कूलों को बंद करने को लेकर फैसला करें। कहा गया है कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, बहादुरगढ़, रोहतक और हिसार सहित हरियाणा के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से एक्यूआई गंभीर श्रेणी में दर्ज किया जा रहा है।
इतनी हवा है खराब
वायु प्रदूषण के मानक के अनुसार, एक्यूआई शून्य से 50 के बीच 'अच्छा', 51 से 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 से 200 के बीच 'मध्यम', 201 से 300 के बीच 'खराब', 301 से 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच गंभीर माना जाता है।
ऑनलाइन कक्षाएं चलाने का आदेश
स्कूली शिक्षा निदेशालय की ओर से पांच नवंबर को भेजे गए पत्र में कहा गया कि उपायुक्तों को निर्देश दिया जाता है कि वे सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद करने या ऑनलाइन माध्यम से कक्षाएं संचालित करने का फैसला करें। पत्र में कहा गया कि सरकार ने फैसला किया है कि उपायुक्त अपने-अपने जिलों में एक्यूआई की स्थिति और दिल्ली-एनसीआर में जीआरएपी-4 लागू होने के मद्देनजर उत्पन्न स्थिति का आंकलन कर सकते हैं। निजी एवं सरकारी स्कूलों को बच्चों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के हित में बंद करने या ऑनलाइन माध्यम से कक्षाएं चलाने का निर्णय ले सकते हैं।
पत्र के मुताबिक, जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों का आंकलन अलग-अलग किया जाना चाहिए और उसी के अनुरूप फैसला लिया जा सकता है। दिल्ली-एनसीआर में सोमवार की सुबह प्रदूषण का स्तर सरकार द्वारा तय सुरक्षित सीमा से सात से आठ गुना तक अधिक रहा और लगातार सातवें दिन वातावरण में जहरीली धुंध छाई रही। इसके अलावा आगरा भी प्रदूषण की चपेट में है। आज सुबह ताज व्यू प्वाइंट से दिखाई नहीं पड़ रहा था। (भाषा इनपुट)
