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अहमदाबाद में 20 फीट गहरे खुले नाले में गिरी 9 साल की बच्ची, BSF और फायर ब्रिगेड का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

अहमदाबाद के नारोल-पीराना रोड पर ऑटो से उतरते ही 9 साल की बच्ची 20 फीट गहरे खुले नाले में गिर गई। फायर ब्रिगेड और बीएसएफ की टीम रेस्क्यू में जुटी हैं।

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20 फीट गहरे खुले नाले में गिरी बच्ची

Photo : ANI

गुजरात के अहमदाबाद शहर से एक हादसा सामने आया है। शहर के नारोल-पीराना रोड पर शनिवार दोपहर एक 9 साल की मासूम बच्ची अचानक 20 फीट गहरे खुले नाले में गिर गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा, जहां पिछले सात घंटों से भी अधिक समय से मैराथन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

मां के पीछे खड़ी बच्ची नाले में समाई

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शनिवार दोपहर करीब 3:30 से 4:00 बजे के बीच बच्ची अपनी मां के साथ ऑटो-रिक्शा से उतरी थी। मां जैसे ही रिक्शा चालक को किराया देने के लिए रुकी, थोड़ा पीछे चल रही 9 साल की बच्ची का पैर अचानक सड़क किनारे स्थित बिना ढक्कन वाले 20 फीट गहरे खुले नाले में चला गया और वह सीधे नीचे बहते गंदे पानी में समा गई। बच्ची को गिरता देख मां और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचित किया।

पंपिंग स्टेशन और गटर लाइनों में लगातार जारी है तलाश

घटना की कॉल मिलते ही मणिनगर फायर स्टेशन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। मणिनगर फायर स्टेशन ऑफिसर प्रवीण सिंह सोलंकी ने बताया कि हमें शाम करीब 4 बजे कॉल मिली थी और हमारी टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई थी। रेनी-वेदर और ड्रेनेज लाइन में लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है। हमने आसपास के पूरे इलाके और मुख्य पंपिंग स्टेशन की भी जांच कर ली है, लेकिन अभी तक बच्ची का कोई सुराग नहीं मिल सका है।

BSF जवानों की ली जा रही मदद

पानी की गहराई और ड्रेनेज लाइन के भीतर के कठिन हालात को देखते हुए फायर ब्रिगेड ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के प्रशिक्षित जवानों को भी सर्च ऑपरेशन में लगाने का फैसला किया है। अधिकारियों के मुताबिक, ड्रेनेज लाइन में पानी की गहराई और करंट का आकलन करने के लिए BSF जवानों को नाले के अंदर उतारा जा रहा है। यदि पानी का बहाव अनुकूल रहा, तो टीम सीवर मैनहोल के ढक्कन खोलते हुए आगे बढ़ेगी और सीधे पंपिंग स्टेशन तक के पूरे रूट की गहन जांच करेगी।

प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल

मुख्य सड़क पर 20 फीट गहरा नाला खुला रहने के कारण स्थानीय निवासियों में भारी गुस्सा है। लोगों का आरोप है कि नागरिक संस्थाओं की घोर लापरवाही के कारण आज एक मासूम की जान खतरे में पड़ी है। फिलहाल फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें पूरी रात सर्च ऑपरेशन जारी रखे हुए हैं और जब तक बच्ची का सुराग नहीं मिल जाता, बचाव कार्य रोकने से इनकार किया गया है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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