गुजरात के अहमदाबाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच (DCB) ने वानुअतु की नागरिकता रखने वाले विजयकुमार उर्फ मुखी पटेल समेत पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि इन लोगों ने खुद को ED और अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों में प्रभावशाली संपर्क वाला बताकर एक कारोबारी से 11.10 करोड़ रुपये छुड़ाने का वादा किया। आरोपियों ने इसके बदले उससे 3.18 करोड़ रुपये ठग लिए।
ED की कार्रवाई के बाद शुरू हुआ ठगी का खेल
एफआईआर के अनुसार, 6 दिसंबर 2024 को अहमदाबाद की एक आंगड़िया फर्म पर ED की टीम ने छापेमारी की। इस दौरान 11.10 करोड़ रुपये नकद, चार मोबाइल फोन और एक DVR जब्त किए गए। शिकायतकर्ता साकलचंद भगवानदास पटेल का आरोप है कि कार्रवाई के कुछ समय बाद विजय मुखी उनके पास आया। उसने दावा किया कि उसकी ED के वरिष्ठ अधिकारियों से पहचान है, वह जब्त रकम उसे वापस दिला सकता है। लेकिन इसके लिए 'सेटलमेंट' कराना पड़ेगा।
'सेटलमेंट' के नाम पर करोड़ों रुपये वसूले
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने शिकायतकर्ता और उसके साझेदारों को एक वकील के ऑफिस में बुलाया, जहां कथित तौर पर बताया गया कि ED का मामला सुलझाने के लिए करीब 40 प्रतिशत खर्च करनी होगा। इसके बाद दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच अलग-अलग किश्तों में नकद और आंगड़िया नेटवर्क के माध्यम से लगभग 3 करोड़ 18 लाख 65 हजार 900 रुपये वसूल किए गए। इस दौरान वकील की फीस और अन्य खर्चों के नाम पर भी शिकायतकर्ता से पैसे लिए गए।
ब्लैंक चेक और फर्जी एग्रीमेंट का भी आरोप
शिकायत में कहा गया है कि बाद में आरोपियों ने जब्त रकम छुड़ाने के लिए एक अन्य व्यक्ति दर्शन वेद के नाम पर 13.20 करोड़ रुपये का नोटरी एग्रीमेंट तैयार कराया। आरोपियों ने शिकायतकर्ता से दो हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक भी ले लिए। बाद में एग्रीमेंट कैंसिल करने के नाम पर भी पैसे वसूले गए। लेकिन न तो मूल एग्रीमेंट लौटाया गया और न ही चेक वापस किया गया। उल्टा उसी कथित एग्रीमेंट के आधार पर शिकायतकर्ता को 13.20 करोड़ रुपये और उस पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की मांग करते हुए कानूनी नोटिस भेज दी गई।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
क्राइम ब्रांच ने इस मामले में विजयकुमार उर्फ मुखी पटेल, दर्शन वेद, अधिवक्ता सुधांशु झा, प्रवीण भानुशाली और विराट सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी विजय मुखी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में पता चला है कि विजय मुखी मूल रूप से गुजरात के मेहसाणा का निवासी है। वह पहले ब्रिटेन में रह चुका है और बाद में वानुअतु की नागरिकता लेकर OCI कार्ड के माध्यम से भारत में रह रहा था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने इसी तरह और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। साथ ही इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं, इसका भी पता लगाया जा रहा है।
