आगरा

Molestation in UP : टीचर ने गुरु-शिष्‍य के रिश्‍ते को किया कलंकित, पांचवी की छात्राओं के साथ करता था घिनौना काम

Molestation in UP : उत्‍तर प्रदेश के आगरा से काफी शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां के सरकारी स्‍कूल में शिक्षक पर कुकृत्‍य के कई आरोप लगे हैं। जिसके बाद से बच्चियों ने स्‍कूल जाने से मना कर दिया था।

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बच्चियों से छेड़छाड़ करने वाले शिक्षक पर केस दर्ज। (प्रतीकात्‍मक फोटो)

Photo : BCCL

Molestation in UP : यूपी के आगरा से एक बेहद शर्मनाक खबर सामने आई है। दरअसल, यहां पर सरकारी स्कूल के अध्‍यापक की हरकतों से छात्राएं काफी डरी हुई हैं। गुरुवार को उनकी सुरक्षा और डर को दूर करने उद्देश्‍य से पुलिस को कैंपस में महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती करानी पड़ी। इस स्‍कूल की छात्राएं अचानक काफी खौफजदा हो गई हैं और जब आप इसकी वजह जानेंगे तो आप भी हैरान हो जाएंगे। इस स्‍कूल की कुछ छात्राओं को यहां पर पढ़ाने वाले शिक्षक से ही खतरा था। आरोपी शिक्षक पर छात्राओं ने घिनौना काम करने का आरोप लगाया है, जिसके बाद उन सभी छात्राओं का मेडिकल कराने की नौबत आ गई। वहीं, शिकायत के बाद ही प्रशासन ने आरोपी शिक्षक के असलहे का लाइसेंस निरस्त करवाने का काम शुरू कर दिया है।

ये है पूरा मामला

शमसाबाद के लहरा गांव में एक कंपोजिट स्कूल है। यहां के अध्‍यापक आशुतोष शर्मा पर छात्राओं ने आरोप लगाया था कि वह पांचवीं क्‍लास की छात्राओं के साथ दुराचार करता था। उनकी जेब में हाथ डालकर छेड़खानी करता था। अगर कोई बच्‍ची भागने की कोशिश करती थी तो उन्‍हें आरोपी शिक्षक लाइसेंसी पिस्टल दिखाकर डराता और धमकाता था। बताया गया है कि इन्‍हीं वजहों के कारण बच्चियों ने स्कूल जाने से घर में मना कर दिया था। जिसके बाद से आक्रोशित अभिभावकों ने एक सप्‍ताह तक बच्चियों को स्‍कूल नहीं भेजने का फैसला लिया। हालांकि वक्‍त रहते मामले की शिकयत पुलिस तक पहुंची और आरोपी शिक्षक के विरुद्ध कार्रवाई शुरू हुई। इसके बाद से अब कुछ हिम्‍मत दिखाते हुए बच्चियों को पुन: स्‍कूल भेजा गया।

मामले पर क्‍या कहती है पुलिस

थाना शमसाबाद प्रभारी आलोक कुमार दीक्षित ने मामले की जानकारी देते हुए बताया है कि आरोपी आशुतोष शमसाबाद कस्बे का निवासी है। बायोमीट्रिक ढंग से उपस्थिति दर्ज कराने के फैसले के बाद से उसने स्‍कूल आना शुरू किया है, इससे पहले वह पढ़ाने स्कूल नहीं जाता था। आरोपी वहां कार्यरत शिक्षिकाओं से भी छेड़छाड़ करता था। इसकी शिकायत पर तब डायल 112 की टीम ने उसे पकड़ा लिया था, हालांकि उसके रसूख के कारण उसे जल्‍द ही छोड़ना पड़ा। उसका लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और मामले में और जानकारी जुटाई जा ही है। गुरुवार को महिला पुलिसकर्मियों को स्‍कूल कैंपस में भेजा गया, जिनके साथ ही बच्चियां वहां पर पहुंची थीं।

विशेषज्ञ ने बताई ये बातें

पूरे केस की मॉनीटरिंग कर बच्‍चों के पैरोकार चाइल्ड राइट एक्टिविस्ट नरेश पारस ने कहा है कि बच्चियों की सुरक्षा बहुत जरूरी है। उन्‍हें मोरल सपोर्ट तो मिलना ही चाहिए, ताकि उनका डर पूरी तरह से दूर हो और वे पढ़ाई पर फोकस कर सकें। बताते हैं कि पांच बच्चियों ने डीएम और कमिश्नर से शिकायत की थी जिसके बाद आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आरोपी शिक्षक को निलंबित भी कर दिया है।

Shaswat Gupta
शाश्वत गुप्ता author

पत्रकारिता जगत में पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। वर्ष 2018-20 में जागरण इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्‍युनिकेशन से Advance PG डिप्लोमा करने के... और देखें

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