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SN Medical College: आगरा के SN मेडिकल कॉलेज आने वाले मरीजों के लिए राहत भरी खबर, खुलेगा यह रास्ता, जाम से मिलेगी निजात

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 7, 2023, 10:13 PM IST

SN Medical College: आगरा के एनएस मेडिकल कॉलेज आने वाले रोगियों के लिए अच्छी खबर है। अब मरीजों को जाम में नहीं फंसना पड़ेगा। 9 जनवरी से ओपीडी का पुराना रास्ता खुल जाएगा। इससे मरीज आसानी से अस्पताल में दाखिल हो सकेंगे। रास्ते के बगल से ही सुपर विंग की सड़क निकाली जाएगी।

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आगरा का एसएन मेडिकल कॉलेज (फाइल फोटो)

KEY HIGHLIGHTS
  • आगरा के एसएनएमसी 9 जनवरी से खुल जाएगा पुराना रास्ता
  • मरीज और तीमारदारों को जाम से मिलेगी राहत
  • ऊबड़-खाबड़ रास्ते से भी मिलेगी निजात

SN Medical College: ताजनगरी के एसएन मेडिकल कॉलेज जाने वाले मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। सोमवार यानी 9 जनवरी से ओपीडी का पुराना रास्ता खोलने की तैयारी लगभग पूरी है। इससे मरीज और तीमारदारों को जाम का झाम अब और नहीं झेलना पड़ेगा। लोगों को ऊबड़-खाबड़ रास्ते से भी निजात मिल जाएगी। जानकारी के अनुसार, एसएनएमसी परिसर में सुपर स्पेशियालिटी विंग निर्माण के आखिरी चरण में कॉलेज प्रशासन ने ओपीडी का पुराना रास्ता बंद कर दिया था। रास्ते के बगल से ही सुपर विंग की सड़क निकाली जाएगी। इसके साथ ही ऊपरी मंजिलों से सामान भी नीचे आना था।

इसी रास्ते का इस्तेमाल करने से मरीज और तीमारदारों को नुकसान की संभावना बनी थी। लिहाजा इसे बंद कर विकल्प के रूप में नूरी दरवाजे की तरफ से रास्ता दिया गया। कई माह से इसी रास्ते का प्रयोग किया जा रहा है।

सोमवार से मजार वाला पुराना रास्ते खुलेगा

इसी वजह से मोती कटरा रोड पर सुबह आठ से लेकर दोपहर दो बजे तक जाम लगा रहता था। मरीजों को ओपीडी तक लाने के लिए स्ट्रैचर, व्हील चेयर का इस्तेमाल नहीं किया जाता था। इसके साथ ही ओपीडी से रोगियों को अन्य विभागों में ले जाने के लिए चार पहिया वाहनों की आवश्यकता पड़ती थी। अब कॉलेज सोमवार से मजार वाले पुराने रास्ते को खोलेगा। कॉलेज प्राचार्य डा. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि, रास्ता खोलने की पूरी तैयारी है।

जल्द बंद होगा आम रास्ता

आगरा कॉलेज टेक्निकल कैंपस की तरफ अस्पताल का मुख्य गेट है। यहीं से स्थानीय आबादी व उनके वाहन मोती कटरा रोड पर निकलते हैं। इससे मरीजों को बहुत परेशानी होती है। कई बार इस सड़क पर जाम लग जाता है। गंभीर मरीज भी एंबुलेंस में फंस जाते हैं। जबकि यह रास्ता अस्पताल के अंदर से होकर गुजरता है। सुपर विंग शुरू होने के बाद इस रास्ते को बंद किया जा सकता है। उधर, आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज को 25 और वेंटिलेटर मिले हैं। इससे मरीजों को और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। वेंटिलेटर एनेस्थीसिया विभाग के आईसीयू, मेडिसिन विभाग के आईसीयू और इमरजेंसी में लगाए गए हैं। मौजूदा समय में मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विभागों में 185 वेंटिलेटर हैं, जो कार्य कर रहे हैं। 25 और मिलने के बाद आंकड़ा 210 हो गया है।
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