न्यू आगरा के विकास की तैयारियां तेज हो गई हैं। यमुना प्राधिकरण अगले महीने आगरा विकास प्राधिकरण और स्टॉक होल्डर्स के साथ बैठक करेगा, जिसमें शहर के उद्योगों और जोनल प्लान में आवश्यक सुधारों पर चर्चा होगी। यमुना एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर बसे न्यू आगरा अर्बन सेंटर का जोनल प्लान तैयार है, जिसे अंतिम रूप देने के लिए उद्यमियों और संबंधित हितधारकों से सुझाव लिए जाएंगे।
इस नए शहर में सबसे पहले औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा, जबकि ताजमहल के आसपास का ताज ट्रैपेजियम जोन (Taj Trapezium Zone) पूरी तरह प्रदूषणमुक्त रखा जाएगा। यहां कोई ऐसी औद्योगिक गतिविधि नहीं होगी, जो ताजमहल की सुंदरता पर प्रभाव डाल सके। जोनल प्लान में सुधार के लिए उद्यमियों से विचार-विमर्श किया जाएगा। न्यू आगरा 58 गांवों की करीब साढ़े नौ हजार हेक्टेयर भूमि पर बसेगा, जिसमें औद्योगिक, आवासीय और हरित क्षेत्र सहित सभी सुविधाएं सम्मिलित होंगी। प्रारंभिक रिपोर्ट में जनसंख्या, परिवहन व्यवस्था, पर्यावरण, उद्योग, व्यापार और क्षेत्र में मौजूद जल स्रोतों से संबंधित विवरण एकत्र किया जा चुका है।
रोजगार के अवसर
यमुना प्राधिकरण के सीईओ अरुणवीर सिंह ने बताया कि न्यू आगरा के विकास की प्रक्रिया तेज हो गई है। अगले महीने स्टॉक होल्डर्स की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें शहर की रूपरेखा तय की जाएगी और अगर आवश्यक हुआ तो जोनल प्लान में सुधार भी किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में 36 गांवों की भूमि पर शहर का निर्माण किया जाएगा, जिसके बाद इसे आगे विस्तार दिया जाएगा। न्यू आगरा में 14.6 लाख लोगों के रहने की व्यवस्था होगी और यह लगभग 8.5 लाख लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करेगा।
95 गांव बने योजना का हिस्सा
यमुना प्राधिकरण के मास्टर प्लान 2041 में बुलंदशहर के 55 नए गांवों को शामिल किया गया है, जिससे अब कुल 95 गांव इस योजना का हिस्सा बन चुके हैं। इन सभी नए और पूर्ववर्ती गांवों में भूमि खरीद और किसानों को मुआवजा वितरण से जुड़े विषयों पर चर्चा करने के लिए 10 जून को गठित समिति की बैठक आयोजित की जाएगी। इस समिति में एसीईओ यीडा को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि डीएम या उनके द्वारा नामित अधिकारी, एआईजी स्टांप, महाप्रबंधक वित्त, भूलेख विभाग के ओएसडी और प्राधिकरण से संबंधित तहसीलदार सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं।
