आगरा

Vrindavan: प्रेमानंद महाराज के जन्मोत्सव पर दर्शन के लिए उमड़े भक्त; देखें अगले दो दिन का कार्यक्रम

वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के जन्मोत्सव के दो कार्यक्रम आज और कल आयोजित किए जाने वाले है। इसमें भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल सकती है। जो श्रद्धालु आश्रम में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं व पदयात्रा के दौरान संत को जन्मदिन की बधाइयां दे रहे हैं।

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प्रेमानंद महराज के दर्शन को जुटी भक्तों की भारी भीड़

वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज का पांच दिवसीय जन्मोत्सव चल रहा है। इस दौरान रात्रिकालीन पदयात्रा में श्रद्धालुओं ने रास्ते में उनके लिए फूल बिछा दिए। पूरे इलाके में संगीतमय धुन पर राधा नाम की गूंज सुनाई दे रही है। अलग-अलग स्थानों से श्रद्धालु प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी हुई है। लेकिन जन्मोत्सव के कार्यक्रम के चलते कई भक्तों को आश्रम में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। यही कारण है कि भारी संख्या में श्रद्धालु प्रेमानंद महाराज के रात्रिकालीन पदयात्रा में उनके दर्शन कर रहे हैं और उन्हें जन्मोत्सव की बधाई भी दे रहे हैं।

पदयात्रा के रास्ते में फूलों की रंगोलियां बनाई गई है। ढोल वादकों की धुन पर भक्तों की जयकारा रात के सन्नाटे को चीरते हुए गूंज रही है। भक्त राम नाम के जयकारे लगाते हुए प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद ले रहे हैं। उन पर पुष्पों की वर्षा की जा रही है। श्रद्धालुओं का अभिवादन करते हुए एक घंटे की पदयात्रा कर प्रेमानंद महाराज श्रीराध केलिकुंज पहुंचे और आश्रम में दैनिक पूजा-पाठ करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत कर रहे हैं। आइए आपको पांच दिवसीय जन्मोत्सव के अंतिम दो दिन के कार्यक्रम के बारे में बताएं -

आज और कल क्या रहेगा कार्यक्रम

जानकारी के लिए बता दें कि प्रेमानंद जी के पांच दिवसीय जन्मोत्सव के कार्यक्रम की शुरुआत 26 मार्च से हुई थी। आज यानी 29 मार्च और कल यानी 30 मार्च को कार्यक्रम का अंतिम दो दिन रह गए हैं। इन दोनों दिन का कार्यक्रम कुछ इस प्रकार है -

29 मार्च - प्रेमानंद महाराज के जन्मोत्सव में आज महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर के अनुयायी शामिल होंगे।

30 मार्च - विरक्त परिकर जन्मोत्सव में होंगे शामिल।

इससे पहले हुए कार्यक्रम में 26 मार्च को उत्तर प्रदेश के अनुयायी जन्मोत्सव में शामिल होने पहुंचे थे। 27 मार्च को दिल्ली, नोएडा, पंजाब, गुरुग्राम के अनुयायी शामिल हुए थे। 28 मार्च को हरियाणा, केरल, उत्तराखंड, आसाम, गोवा, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, हिमाचल, बिहा, गुजरात से लोग आए थे। इस प्रकार 5 दिन के इस उत्सव में राज्यों के आधार पर अनुयायी शामिल हुए थे।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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