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आगरा में पहली बार ट्रैक पर दौड़ी Metro, नजारा देख हैरान हुए लोग, जानिए इसकी खासियतें

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Jul 12, 2023, 12:07 PM IST

विशेष रूप से आगरा मेट्रो ट्रेनों की संरचना अनूठी होगी क्योंकि इसमें मेट्रो की आवाजाही के लिए कोई ओवरहेड उपकरण नहीं होगा। जानिए बाकी खासियतें-

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प्रतीकात्मक तस्वीर

Photo : iStock

Agra Metro: ताजनगरी आगरा के लिए मंगलवार का दिन ऐतिहासिक रहा जब पहली बार मेट्रो नए ट्रैक पर दौड़ी। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने आगरा मेट्रो की पहली टेस्टिंग की जिसे देखने के लिए भारी भीड़ जुट गई। मेट्रो का ट्रायल आगरा मेट्रो डिपो के रैंप एरिया से ताज ईस्ट गेट स्टेशन तक लगभग 3 किमी तक फैले गिट्टी रहित ट्रैक पर किया गया जो पूरी तरह सफल रहा। जब लोगों ने आगरा मेट्रो परियोजना का पहला ट्रायल रन देखा तो आश्चर्यचकित रह गए।

इस मायने में होगा खास

अभी तक आगरा मेट्रो डिपो में बैलेस्टेड ट्रैक पर ट्रायल किया जा रहा था। विशेष रूप से आगरा मेट्रो ट्रेनों की संरचना अनूठी होगी क्योंकि इसमें मेट्रो की आवाजाही के लिए कोई ओवरहेड उपकरण नहीं होगा। ट्रेनों को ट्रैक के समानांतर चलने वाली तीसरी रेल के जरिए पावर मिलेगी।

जानिए क्या-क्या खासियतें

  • इन ट्रेनों में रीजेनरेटिव ब्रेकिंग का फीचर होगा, जिसकी मदद से ट्रेनों में लगने वाले ब्रेक के माध्यम से 35 प्रतिशत तक ऊर्जा को रीजेनरेट कर के फिर से सिस्टम में इस्तेमाल कर लिया जाएगा। वायु प्रदूषण को कम करने के लिए इन ट्रेनों में अत्याधुनिक प्रॉपल्सन सिस्टम भी मौजूद होगा।
  • इन ट्रेनों में कार्बन-डाई-ऑक्साइड सेंसर आधारित एयर कंडीशनिंग सिस्टम होगा, जो ट्रेन में मौजूद यात्रियों की संख्या के हिसाब से चलेगा और ऊर्जा की बचत करेगा।
  • ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशन को ध्यान में रखते हुए यह ट्रेनें संचारित आधारित ट्रेन नियंत्रण प्रणाली से चलेंगी।
  • आगरा मेट्रो ट्रेन में यात्री क्षमता 974 लोगों की होगी।
  • इन ट्रेनों की डिजाइन स्पीड 90 किमी./घंटा और ऑपरेशनल स्पीड 80 किमी./घंटा तक होगी।
  • ट्रेन के पहले और आखिरी कोच में दिव्यांगजनों की व्हीलचेयर के लिए अलग से जगह होगी। व्हीलचेयर के स्थान के पास ‘लॉन्ग स्टॉप रिक्वेस्ट बटन’ होगा, जिसे दबा कर दिव्यांगजन ट्रेन ऑपरेटर को अधिक देर तक दरवाजा खुला रखने के लिए सूचित कर सकते हैं।
  • ट्रेनों में फायर एस्टिंग्युशर (अग्निशमन यंत्र), स्मोक डिटेक्टर और सीसीटीवी कैमरे आदि लगे होंगे।
  • आगरा मेट्रो ट्रेन थर्ड रेल यानी पटरियों के समानांतर चलने वाली तीसरी रेल से ऊर्जा प्राप्त करेंगी, इसलिए इसमें खंभों और तारों के सेटअप की आवश्यकता नहीं होगी।
  • हर ट्रेन में 24 सीसीटीवी कैमरे होंगे, जिनका विडियो फीड सीधे ट्रेन ऑपरेटर और डिपो में बने सेंट्रल सिक्योरिटी रूम में पहुंचेगा। टॉक बैक बटन को दबा कर यात्री आपात स्थिति में ट्रेन ऑपरेटर से बात कर सकते हैं> यात्री की लोकेशन और सीसीटीवी का फुटेज सीधे ट्रेन ऑपरेटर के पास मौजूद मॉनिटर पर दिखाई देगा।

यूपीएमआरसी ने बताया ऐतिहासिक दिन

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने इस ट्रायल को आगरा मेट्रो के अधिकारियों की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह आगरा के लोगों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि आज पहली बार ट्रेन की आवाजाही सफलतापूर्वक पूरी हुई। तीन किमी लंबे पुल पर सभी ट्रेन प्रणालियों और उपकरणों का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। कुमार ने यह भी बताया कि अधिकारी शहर के लिए जल्द ही मेट्रो परिचालन शुरू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। कुमार ने कहा कि हम आगरा मेट्रो परियोजना को समय पर चालू करने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं।
अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडल author

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर... और देखें

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