Agra News: आगरा में अवैध धर्मांतरण मामले में पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें इस गिरोह के गैंग लीडर को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने जांच की तो पता लगा कि गिरफ्तार आरोपियों में से कई के दस्तावेज फर्जी हैं। इन आरोपियों ने विभिन्न राज्यों में फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से आधार कार्ड बनवाए और फिर इन आधार कार्डों का उपयोग करके सिम कार्ड प्राप्त किए।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि रिमांड में लेकर पूछताछ के दौरान इस बात का खुलासा किया कि सिम कार्ड और नए मोबाइल फोन की व्यवस्था दिल्ली से गिरफ्तार मनोज उर्फ मुस्तफा द्वारा की गई थी। इस सिंडिकेट ने उत्तर प्रदेश में 12 बैंक खाते खोले थे और पांच आरोपियों के लिए पासपोर्ट भी बनाए गए थे। इन पासपोर्टों का निर्माण राजस्थान और बिहार में किया गया था। पुलिस अब इन सभी बैंक खातों और पासपोर्टों की जांच कर रही है। इसके अलावा, आयशा के कनाडा और अमेरिका में हुई व्हाट्सएप कॉल की जानकारी भी एजेंसियों द्वारा एकत्र की जा रही है। इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की भी एंट्री हो सकती है, क्योंकि विदेशी फंडिंग के कारण ईडी इस मामले में दखल दे सकती है।
अवैध धर्मांतरण के मामले में 11 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस अधिकारी ने बताया कि अवैध धर्मांतरण के मामले के संबंध में अभी तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। 11वां आरोपी इस गिरोह का सरगना था। जानकारी के लिए बता दें कि यह गिरोह पहले कलीम सिद्दीकी था। लेकिन कलीम सिद्दीकी के गिरफ्तार होने के बाद उसे कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। उसके बाद अवैध धर्मांतरण गिरोह के कमान अब्दुल रहमान के हाथ आई और तब से वह इस गिरोह का सरगना बन गया। पुलिस ने अब्दुल रहमान को भी गिरफ्तार कर लिया है।
