जम्मू-कश्मीर में बारिश, बाढ़, बादल फटने और लैंडस्लाइड व सड़कें व पुल ढहने के नुकसान की काफी खबरें आ रही हैं। कल यानी मंगलवार 26 अगस्त को माता-वैष्णों देवी मार्ग पर हुए लैंडस्लाइड में अब तक 30 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। बाढ़ से पूरे जम्मू में हालात बेकाबू हैं। इस बीच देखें आसमान से जम्मू की तस्वीरें, जिसमें हर तरफ बाढ़ का पानी और तबाही के मंजर ही नजर आ रहे हैं।
जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे पर पानी की धार हाइवे पर काफी तेजी से बह रही है। यहां के रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है, जिसमें लोग रात भर से फंसे हुए हैं। NDRF की टीमें लगातार लोगों को रेस्क्यू कर रही है। बाढ़ और तबाही के बीच रोते-बिलखते लोग अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं। जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे अभी पूरी तरह से बंद है और नदी में आई बाढ़ का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है।
जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे के साथ बह रही ब्यास लिंक कैनाल में भी उफान है। इस कैनाल का पानी अपने किनारो को तोड़कर नेशनल हाईवे और उसके बाद रिहायशी इलाकों में घुस गया है। पठानकोट के घरों में बहुत ज्यादा पानी भर गया है। घर में रखा हुआ सारा सामान डूब गया है। लोगों का कहना है कि रात में पानी घुसा और उन्हें संभलने तक का भी मौका नहीं मिला। पठानकोट में न सिर्फ घरों में बल्कि यहां दुकानों को भी भारी नुकसान हुआ है।
पठानकोट में बाढ़ के चलते ब्रिज टूट गया है। यहां नदी में उफान है। जहां पर यह दुर्घटना हुई है, वहां पर टाइम्स नाऊ नवभारत का कैमरा पहुंच चुका है। यहां हमारे कैमरे ने देखा कि रोड़ का एक बड़ा हिस्सा बह चुका है। तावी नदी रौद्र रूप से बह रही है।
इस बीच बाढ़ में फंसे लोगों की मदद के लिए सी-130एनडीआरएफ और राहत एवं बचाव सामग्री के साथ जम्मू पहुंच चुका है।
उधर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जम्मू-कश्मीर में बाढ़ की स्थिति पर जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि
- पुंछ और राजौरी जिलों को छोड़कर, पूरे जम्मू संभाग में अब भी बारिश हो रही है। हालांकि, इसकी तीव्रता कम है।
- तवी नदी का जलस्तर कम हो गया है, लेकिन चिनाब नदी अब भी खतरे के निशान के करीब बह रही है।
- तत्काल प्राथमिकता बिजली, पानी और मोबाइल सेवाओं की बहाली है, जिसके लिए अधिकारी रात भर लगातार काम कर रहे हैं।
- एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, अर्धसैनिक बल, सेना और वायु सेना के अधिकारी नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
- स्कूल और कॉलेज बंद रखने का आदेश दिया गया है और आम जनता को अपनी सुरक्षा के लिए अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है।
- ऐतिहासिक माधोपुर पुल, जो 11 मई 1953 को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की गिरफ्तारी के बाद इतिहास का हिस्सा बन गया था। आज सुबह लगभग 3 बजे से इस पुल पर यातायात रोक दिया गया है।
- प्रधानमंत्री मोदी व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर नजर रख रहे हैं और अपडेट प्राप्त कर रहे हैं।
- इस बीच, प्रशासन द्वारा प्रत्येक जिले के लिए क्रमशः हेल्पलाइन नंबर दिए गए हैं।
